संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि ———————— तारा मण्डल बैठि के, चांद बड़ाई खाय। उदै भया जब सूर का, तब तारा छिपि जाय।। आसमान में तारा मंडल में बैठकर चां… more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 2 months ago: संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि ———————— तारा मण् … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: अपने शहर पर इतना नहीं इतराओ कि फिर पराये लगने लगें लोग सभी कभी यह गांव जितना छोटा था तब न तुम थे यहा … more →
प्रेमलता पांडे wrote 3 years ago: भ्रम की रात काली है, एक अंधेरी जाली है। जब भी घूम कर देखा दिखायी दी हर ओर काली रेखा पर कालिमा के बीच … more →