मानव समाज में भेदभाव की भावना सर्वव्यापी है । भेदभाव का आधार सभी समाजों में एक ही हो ऐसा नहीं है । अपने देश में जातीय भेदभाव सामान्य बात है और दुनिया के प्रमुख देशों में शायद ही कोई अन्य हो जहां हमारी… more →
जिंदगी बस यही हैदीपक भारतदीप wrote 1 day ago: वैसे तो भारतीय संस्कृति और संस्कारों में लोगों को ढेर सारे दोष दिखाई देते हैं पर फिर भी वह उसमें तमा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: प्रवचन करते समय गुरुजी ने भक्तों को समझाया। ‘‘भ्रष्टाचार करना होता बहुत बड़ा शाप दहेज समाज के लिये ह … more →
योगेन्द्र wrote 2 weeks ago: मानव समाज में भेदभाव की भावना सर्वव्यापी है । भेदभाव का आधार सभी समाजों में एक ही हो ऐसा नहीं है । अ … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: वह शिक्षित बेरोजगार युवक संत के यहां प्रतिदिन जाता था। उसने देखा कि उनके आशीर्वाद से अनेक लोगों की … more →
योगेन्द्र wrote 4 weeks ago: दो रोज पहले किसी टीवी चैनल पर खबर सुनने को मिली कि कानपुर शहर के एक महिला डिग्री कालेज में प्राचार्य … more →
योगेन्द्र wrote 1 month ago: पूरे एक माह के लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया का आज अंतिम दिन है । सायं पांच बजे पंचम चरण का मतदान भी संप … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वह विशेष बुत अपना भाषाण दे रहा था। उसका विषय था समाज की समस्यायें और उनका हल। उसने अपना भाषण समाप्त … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: मैं भविष्यवाणी करने की किसी भी विधा को स्वीकार नहीं कर पाता । इसके कारण हैं । भौतिकीविद् की हैसियत स … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: जिजीविषा प्राणीमात्र की सहज वृत्ति है, किंतु आत्महत्या कदाचित् मनुष्य की विशिष्टता है । आत्महत्या दी … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: वह पुराना अभिनेता अपने बैठक कक्ष में सिगरेट पर सिगरेट फूंकता हुआ इधर से उधर चहलकदमी कर रहा था। उसने … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: मनुष्य अपने स्वभाव की कमजोरी के कारण कभी-कभी नशे का शिकार हो जाता है । नशे के लत के पीछे कई कारण हो … more →