Blogs about: लघुकथा

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बाजार में सजा स्वयंवर-हास्य व्यंग्य (bazar men swyanbar-hindi hasya vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: वैसे तो भारतीय संस्कृति और संस्कारों में लोगों को ढेर सारे दोष दिखाई देते हैं पर फिर भी वह उसमें तमा … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कला, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, व्यंग्य, हिन्दी, bharat, Blogging, Bloging

जो सभी को पसंद हो वही कहो -हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: प्रवचन करते समय गुरुजी ने भक्तों को समझाया। ‘‘भ्रष्टाचार करना होता बहुत बड़ा शाप दहेज समाज के लिये ह … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य, व्यंग्य कविता, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

नस्ली भेदभाव का एक छोटा-सा अनुभव1 comment

योगेन्द्र wrote 2 weeks ago: मानव समाज में भेदभाव की भावना सर्वव्यापी है । भेदभाव का आधार सभी समाजों में एक ही हो ऐसा नहीं है । अ … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, किस्सा, मानव व्यवहार, हिंदी साहित्य, Short Stories, जातिवाद, नस्लवाद, नस्ली भेदभाव

छोटा आदमी, बड़ा आदमी-लघुकथा

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: वह शिक्षित बेरोजगार युवक संत के यहां प्रतिदिन जाता था। उसने देखा कि उनके आशीर्वाद से अनेक लोगों की … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य, समाज, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

परेशानी का सबब ‘टाइट जींस-टीशर्ट’ पहनना1 comment

योगेन्द्र wrote 4 weeks ago: दो रोज पहले किसी टीवी चैनल पर खबर सुनने को मिली कि कानपुर शहर के एक महिला डिग्री कालेज में प्राचार्य … more →

Tags: अनुभव, कहानी, किस्सा, हिंदी साहित्य, Short Stories, उदगमंडलम, ड्रेस कोड, तालीबानी फरमान, दंपती

एक दुःस्वप्न - राजनीति में सत्ता, सत्ता पर कब्जा, कब्जे की राजनीति

योगेन्द्र wrote 1 month ago: पूरे एक माह के लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया का आज अंतिम दिन है । सायं पांच बजे पंचम चरण का मतदान भी संप … more →

Tags: अंग्रेजी, आपबीती, कहानी, हिंदी साहित्य, दुःस्वप्न, राजनीति, लोकसभा चुनाव, Parliamentary Elections, Politics

बुत सम्मलेन में एक सवाल-लघु कथा

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वह विशेष बुत अपना भाषाण दे रहा था। उसका विषय था समाज की समस्यायें और उनका हल। उसने अपना भाषण समाप्त … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्तराम, व्यंग्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

किस्सा मृत्यु की विफल भविष्यवाणी का

योगेन्द्र wrote 2 months ago: मैं भविष्यवाणी करने की किसी भी विधा को स्वीकार नहीं कर पाता । इसके कारण हैं । भौतिकीविद् की हैसियत स … more →

Tags: अनुभव, कहानी, किस्सा, हिंदी साहित्य, Astrologer, क्वांटम भौतिकी, ज्योतिषी, भविष्यवाणी, मृत्युयोग

आत्महत्या क्यों की होगी उस छात्रा ने?

योगेन्द्र wrote 2 months ago: जिजीविषा प्राणीमात्र की सहज वृत्ति है, किंतु आत्महत्या कदाचित् मनुष्य की विशिष्टता है । आत्महत्या दी … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, कहानी, मानव व्यवहार, हिंदी साहित्य, आत्महत्या, प्रतिस्पर्धा, सल्फास, हीनभावना

युवा पीढ़ी को प्रोत्साहन-(हास्य व्यंग्य)2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: वह पुराना अभिनेता अपने बैठक कक्ष में सिगरेट पर सिगरेट फूंकता हुआ इधर से उधर चहलकदमी कर रहा था। उसने … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य चिंतन, समाज, साहित्य, सृजन

सिगरेट पीने की आदत छुड़ा दी एक सपने ने 2 comments

योगेन्द्र wrote 2 months ago: मनुष्य अपने स्वभाव की कमजोरी के कारण कभी-कभी नशे का शिकार हो जाता है । नशे के लत के पीछे कई कारण हो … more →

Tags: अनुभव, आपबीती, कहानी, किस्सा, धूम्रपान, नशा, बेंगलुरु, सपना, सिगरेट


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