लघुकथा एकलव्य ‘नानाजी! एकलव्य महान धनुर्धर था?’ - ‘हाँ; इसमें कोई संदेह नहीं है.’ - ‘उसने व्यर्थ ही भोंकते कुत्तों का मुंह तीरों से बंद कर दिया था ?’ -’हाँ बे… more →
मंथनयोगेन्द्र जोशी wrote 3 weeks ago: प्रदर्शन की लालसा या प्रवृत्ति प्रायः हर मनुष्य के व्यक्तित्व का एक खास पहलू होता है । मैं इसे एक हा … more →
महावीर wrote 3 weeks ago: लघुकथा एकलव्य ‘नानाजी! एकलव्य महान धनुर्धर था?’ - ‘हाँ; इसमें कोई संदेह नहीं है. … more →
महावीर wrote 1 month ago: देवी नागरानी लघुकथा असली शिकारी देवी नागरानी हमारे पड़ोसी श्री बसंत जी अपनी तेरह महीने के नाती को स् … more →
महावीर wrote 1 month ago: अधजल गगरी छलकत जाए - प्राण शर्मा कमाल मेरा नया नया दोस्त बना था. दसवीं में तीन बार फ़ेल था. बेकारी मे … more →
Nidhi KM wrote 1 month ago: भरी धूप मे, आज ऑफीस जाते समय ही उसने सोच लिया था, शाम को घर वापस जाते समय, आज मंदिर जाऊंगी… मं … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 month ago: इस समय मैं अमेरिका की ‘सांता क्लारा’ नगरी में हूं, करीब एक माह के प्रवास पर । यह स्थान कैलिफोर्निया … more →
महावीर wrote 1 month ago: प्रेमिका -प्राण शर्मा अनुरागी और मधुरिमा के बीच इन्टरनेट पर रोज़ ही प्रेम-वार्तालाप होना शुरू हो गया … more →
महावीर wrote 1 month ago: लघुकथा- खट्टे संतरे प्राण शर्मा रमेश बड़े शौक़ से खाने के लिए साफ़ सुथरे और चमचम करते संतरे सुबह सब्जी … more →
महावीर wrote 2 months ago: लघुकथा: “दो गज़ ज़मीन चाहिए” देवी नागरानी सुधा अपनी सहेलियों के साथ कार के हिचकोलों का आ … more →
महावीर wrote 3 months ago: मजबूरी -प्राण शर्मा बचपन में सरोज जब अपने साथियों को काजू-मेवे खाते हुए देखता तो उसके मुंह में पानी … more →
Shashi Sudhanshu wrote 3 months ago: दिन चढ़ आया था, चिड़ियॉँ आ-आकर आंगन में फुदकने लगीं थी, कोई ओखली पर बैठी, कोई तुलसी के चौतरे पर, अभी … more →
महावीर wrote 3 months ago: लघुकथा शिष्टता प्राण शर्मा किसी जगह एक फिल्म की शूटिंग हो रही थी. किसी फिल्म की आउटडोर शूटिंग हो वहा … more →
Shashi Sudhanshu wrote 3 months ago: मेरा पढ़ने मे बिल्कुल जी न लगता था| एक घंटा भी किताब लेकर बैठना पहाड़ लगता था| मौका पाते ही पास के क … more →
महावीर wrote 4 months ago: ।।लघुकथा ।। जन नायक प्राण शर्मा अपने आपको प्रतिष्ठित समझने वाले गुणेन्द्र प्रसाद के मन में एक अजीब-स … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: अपने वाद्ययंत्रों के साथ सजधजकर वह घर से बाहर निकला और अपनी मां से बोला-‘‘मां, आशीर्वाद दो जंग पर जा … more →
indranildutta wrote 2 years ago: लाल हवेली: शिवानी तहिरा ने पास के बर्थ में सोए अपने पति को देख और एक लंबी सांस खींचकर करवट बदल ली. क … more →