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Blogs about: लब

रोज़ ही होता है5 comments

विनय wrote 1 year ago: रोज़ ही होता है होंठों तक बात आते-आते रह जाती है मेरी इक कमी तेरे रू-ब-रू मुझे लब खोलने नहीं देती कित … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, बात, Guilty, रोज़, कमी, मुश्किल, होंठ, Lips, HARD

एक ख़ामोश अफ़साना3 comments

विनय wrote 1 year ago: एक ख़ामोश अफ़साना जो तुम्हारी नज़रों ने सुनाया है मुझे काश! वह तुम अपने लबों से मेरे लबों पर लिखती कभी … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, पल, ख़ामोश, नज़र

फिर वही दर्द, वही शाम है14 comments

विनय wrote 1 year ago: फिर वही दर्द, वही शाम है लबों पर फिर तेरा नाम है ज़िन्दा हूँ पर ज़िन्दगी नहीं सीने में साँसों का ताम-झ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, इश्क़, दर्द, Heart, Love, दिल, प्यार, नाम

यह जिस्म नहीं है4 comments

विनय wrote 1 year ago: यह जिस्म नहीं है, काँच के टुकड़े हैं ज़मीने-वक़्त पर दूर तक बिखरे हैं इन्हें मत छूना हाथों में चुभ जाय … more →

Tags: मेरा गीत, वक़्त, इश्क़, Heart, Love, time, दिल, प्यार, नाम

न वह कभी आँखों से उतारा ही गया6 comments

विनय wrote 1 year ago: न वह कभी आँखों से उतारा ही गया और न कभी लबों से पिया ही गया वह इक दर्द का बवण्डर था शायद न जिसे कभी … more →

Tags: मेरा गीत, दूर, दर्द, Heart, क़रीब, light, eyes, दिल, रोशनी

मेरी हर नज़र4 comments

विनय wrote 1 year ago: मेरी हर नज़र बेक़रार’ और रूह बेताब है, लबों को भी न तस्लीम एक बूँद आब है रोज़-रोज़ की मुश्किली, यह … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, बूँद, बेताब, Curse, नज़र, soul, रोज़, Lips, Day

न कोई शिकायत है1 comment

विनय wrote 1 year ago: न कोई शिकायत है तुझसे न कोई गिला है तुम अपने हसीं लबों से हर्फ़ छुओ न छुओ कम-स-कम बाहम निगाहों में गु … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, Touch, निगाह, Beautiful, Lips, हसीं, sight, talk, गिला

जब भी तेरा नाम लेती हैं

विनय wrote 1 year ago: जब भी तेरा नाम लेती हैं बहुत ख़ुश होती हैं आँखें मुस्कुराती हैं तेरे लबों से कहीं ज़्यादा हसीं होके … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Love, eyes, प्यार, नाम, मोहब्बत, ख़ुश, मुस्कुराहट

रक़ाबी चाँद जला दो

विनय wrote 1 year ago: रक़ाबी चाँद जला दो यह रात चाँदनी हो जाये कभी तो पास बुला लो तेरी नज़दीकियों का मुझे एहसास हो जाये गुला … more →

Tags: मेरी नज़्म, आइना, इश्क़, इक़रार, इज़हार, एहसास, ख़्याल, गुलाबी शाम, घर

तुम मेरी ज़िन्दगी मेरा क़रार1 comment

विनय wrote 1 year ago: तुम मेरी ज़िन्दगी मेरा क़रार हो गया मुझको तुमसे प्यार तू आ जाये अगर मेरे क़रीब तो खुल जायेगा मेरा नसीब … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, Love, क़रीब, प्यार, चेहरा, ग़म, Pain, दुनिया

मेरा दर्द मेरा दु:ख मेरा अपना है

विनय wrote 1 year ago: मेरा दर्द मेरा दु:ख मेरा अपना है बाक़ी सब झूठ है यह सच्चा सपना है कल तक लबों पर उसके लिए दुआ थी आज दु … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दर्द, Love, Moment, प्यार, मंज़िल, मोहब्बत, Pain

तुमको सबसे सच्ची दोस्ती मिले

विनय wrote 2 years ago: तुमको ज़िन्दगी की हर ख़ुशी मिले तेरे लबों को मीठी-मीठी हँसी मिले हर दिन तुम्हें बहार का दिन हो कभी न … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, ख़ुशी, Flower, eyes, Friendship, बहार, मीठी, फूल

दोनों बहुत देर तक बैठे रहते हैं

विनय wrote 2 years ago: बहुत उदास-सी एक शाम बैठी है मेरे साथ अपने ख़ामोश लबों से कह देती है अनकही बातें दोनों बहुत देर तक बै … more →

Tags: मेरी नज़्म, चाँद, इश्क़, Love, Reminisce, प्यार, मोहब्बत, शाम, ख़ामोश


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