आप को देख कर देखता रह गया, क्या कहुँ और कहने को क्या रह गया, आते आते मेरा नाम सा रह गया, उसके होठों पे कुछ कांपता रह गया, वो मेरे सामने ही गया और मैं, रास्ते की त्तरह देखता रह गया, झूठ वाले कहीं से कह… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: आप को देख कर देखता रह गया, क्या कहुँ और कहने को क्या रह गया, आते आते मेरा नाम सा रह गया, उसके होठों … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तेरे कदमो पे सर होगा, कजा सर पे खडी होगी, फिर उस सजदे का क्या कहना अनोखी बन्दगी होगी, नसीम-ए-सुबह गु … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ठुकराओ अब के प्यार करो, मैं नशे मे हुँ, जो चाहे मेरे यार करो, मैं नशे मे हुँ, अभी दिला रहा हुँ यकीन- … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मैनु तेरा शबाब ले बैठा, रगं गौरा गुलाब ले बैठा, किन्नी- बीती ते किन्नी बाकी है, मैनु एहो हिसाब ले बै … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: इश्क की दास्तान है प्यारे, अपनी अपनी जुबान है प्यारे, हम जमाने से इन्तकाम तो ले, एक हसीं दरम्यान है … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: चांद के साथ कई दर्द पुराने निकले, कितने गम थे जो तेरे गम के बहाने निकले, फ़सल-ए-गुल आई फ़िर एक बार असी … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: … more →