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दीपावली का पर्व निकल गया-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: होश संभालने के बाद शायद जिंदगी में यह पहली दिवाली थी जिसमें मिठाई नहीं खाई। कभी इसलिये मिठाई नहीं खा … more →

Tags: abhivyakti, इंटरनेट, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, रचना, व्यंग्य, संपादकीय, सन्देश

इसरो द्वारा चंद्रमा पर पानी की खोज तथा ओशियनसैट-2 सहित सात उपग्रहों का प्रक्षेपण-आलेख (ocianset-2 setelite-hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र ‘इसरो- ने एक ही दिन में वह भी केवल बीस मिनट में सात उपग्रह अंतरिक्ष … more →

Tags: abhivyakti, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, हिन्दी पत्रिका, bharat, Deepak bharatdeep, hindi article, India

इसलिये सोचना ही बंद-आलेख (mor thinking is not good-hindi lekh)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अखबार में खबर छपी है कि ‘ब्रिटेन ने माना है कि तेल के व्यापार की वजह से बम विस्फोट के एक आरोपी को छो … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, इंटरनेट, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, रचना, संपादकीय

“निकाल इसी बात पै सौ का नोट”1 comment

राजीव् तनेजा wrote 4 months ago: ***राजीव तनेजा*** “रुक…अबे रुक"…. "ज्जी…मैँ?"…. "ओर तेरा … more →

Tags: कहानी, ट्रैफिक पुलिस, पुलिस, राजीव तनेजा, रिश्वत, व्यंग्य, हास्य

इस ब्लाग/पत्रिका ने पार की पाठक संख्या पचास हजार-संपादकीय

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पाठ पठन/पाठक संख्या पचास हजार पार करने वाला ईपत्रिका इस लेखक का तीसरा ब्लाग/पत्रिका है। इसने हाल ही … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, मस्तराम, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Deepak bapu

यहां ठग कौन है-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: ‘एक के तीन’, और ‘दो के छह’ की आवाज कहीं भी सुन लें तो हम भारतीयों के कान खड़े हो जाते हैं यह सोचकर कि … more →

Tags: चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bharatdeep, hasya, mast ram

राम और रावण की भूमिका-लघुकथा

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: वह स्वस्थ्य सुंदर युवक रामलीला मंडली में भगवान श्री राम की भूमिका निभाता था। इसी कारण लोग उसको राम ज … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्तराम, व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bharatdeep, Friends

चांदी के कप की खातिर- हास्य व्यंग्य कविताएँ

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: इतिहास में नाम दर्ज करने की अपनी ख्वाहिश पूरी करने के लिये वह किसी भी हद तक जाऐंगे। कहीं जिंदा आदमी … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, इंटरनेट, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, रचना, व्यंग्य, हिन्दी

मशहूर होने का बोझ सभी नहीं उठा सकते-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: हिंदी ब्लाग जगत पर अनेक लोग छद्म नाम से लिखते हैं और यह परंपरा उन्होंने अंग्रेजी से ही ली है। जहां त … more →

Tags: inglish, हिन्दी, संपादकीय, अभिव्यक्ति, Internet, Education, web duniya, web dunia, web nayi duniya

व्यंग्य सामग्री के लिये संस्कृति की आड़ की क्या जरूरत-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: यह कोई आग्रह नहीं है यह कोई चेतावनी भी नहीं है। यह कोई फतवा भी नहीं है और न ही यह अपने विचार को किसी … more →

Tags: हिंदी आलेख, hindi article, Hindi writing, Friends, Family, समाज, Blogger, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप

किरानी , पत्रकार , लेखक : ले. किशन पटनायक5 comments

अफ़लातून wrote 7 months ago: Technorati tags: Technorati tags: अखबार, पत्रकार, अभिव्यक्ति, संचार, किशन पटनायक, kishan patanayak, … more →

Tags: Journalism, News, media, Hind swaraj, पत्रकारिता, पत्रकार, अभिव्यक्ति

मेरी आठवीं कहानी नवभारत टाईम्स पर

राजीव् तनेजा wrote 8 months ago: पहली कहानी- बताएँ तुझे कैसे होता है बच्चा दूसरी कहानी- बस बन गया डाक्टर तीसरी कहानी- नामर्द हूँ,पर म … more →

Tags: नवभारत टाईम्स, प्रेम कहानी, राजीव तनेजा, व्यंग्य, हास्य

मेरा खुला पत्र योगेश समदर्शी के नाम3 comments

राजीव् तनेजा wrote 8 months ago: समदर्शी जी नमस्कार…. ये खुला पत्र मैँ आपको इसलिए नहीं लिख रहा हूँ कि मेरे पास लिफाफा खरीदने के … more →

Tags: योगेश समदर्शी, राजीव तनेजा, व्यंग्य, हास्य, होली, होली आई रे

गंगा और यमुना नदियों की तरह होता है हिन्दी भाषा का दोहन-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: अंतर्जाल पर हिंदी में सक्रिय कई ऐसे ब्लाग लेखक हैं जिन्हें लिखते हुए छह साल हो गये हैं। उन लोगों की … more →

Tags: writing, inglish, दीपक द्वारा, अभिव्यक्ति, India, अनुभूति, Internet, Urdu, arebic

भक्तिकाल और अध्यात्मिकता -आलेख

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: शायद वह लोग सही कहते हैं कि ‘हिंदी सिखाने के लिये रहीम,तुलसी और कबीर की रचनाओं को नहीं पढ़ाना चाहिये … more →

Tags: चिंतन, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, jagran, Internet, hindu, bharat, अनुभूति, Deepak bharatdeep

उर्दू प्रेमी हिंदी पाठक टोकाटोकी से बचें-आलेख4 comments

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: लोग है कि मानते नहीं। कहो वह समझते नहीं और हम है कि कहने से बाज नहीं आते। बात केवल इतनी है कि हिंदी … more →

Tags: hasya -vyangya, writer, हिंदी आलेख, hindi article, Friends, Family, Blogger, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप

कसम कनखजूरे के तिरछे कान की

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: ***राजीव तनेजा*** “सुनो”… “ये ‘ट्यूब’ कितने की आती है?” … more →

Tags: अबला नारी, कहानी, फ्रैण्डशिप क्लब, राजीव तनेजा, व्यंग्य, हास्य

बैंक कर्मचारी हड़ताल न कर आम आदमी की सेवा करें-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बहुत मुश्किल हो गया। अंतर्जाल पर ब्लाग पर ऐसी कठिनाई आयेगी यह कभी नहीं सोचा था। मैं कंप्यूटर पर बैठत … more →

Tags: hasya -vyangya, hasya vyang, vyangya, writer, aritile in hindi, हिंदी आलेख, हिंदी, hindi article, हिंदी साहित्य

शब्दों के सौदागर के हाथ बिक या अपने लिए लिख-व्यंग्य कविता hasya vyangya kavita

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बिकने के लिए तैयार है तो फिर सौदे जैसा लिख और दिख बाज़ार के कायदे हैं अपने जहां मत देख ईमानदार बने रह … more →

Tags: चिंतन, अभिव्यक्ति, India, व्यंग्य, अनुभूति, दीपक भारतदीप, web dunia, web duniya, web bhaskar


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