होश संभालने के बाद शायद जिंदगी में यह पहली दिवाली थी जिसमें मिठाई नहीं खाई। कभी इसलिये मिठाई नहीं खाते थे कि बस अब दिवाली आयेगी तो जमकर खायेंगेे। हमें मिठाई खाने का शौक शुरु से रहा है और कुछ लोग मानते… more →
*** दीपक भारतदीप की जागरण-पत्रिका*** ***mastram Deepak Bharatdeep ki hindi Jagran Patrika***दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: होश संभालने के बाद शायद जिंदगी में यह पहली दिवाली थी जिसमें मिठाई नहीं खाई। कभी इसलिये मिठाई नहीं खा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र ‘इसरो- ने एक ही दिन में वह भी केवल बीस मिनट में सात उपग्रह अंतरिक्ष … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अखबार में खबर छपी है कि ‘ब्रिटेन ने माना है कि तेल के व्यापार की वजह से बम विस्फोट के एक आरोपी को छो … more →
राजीव् तनेजा wrote 4 months ago: ***राजीव तनेजा*** “रुक…अबे रुक"…. "ज्जी…मैँ?"…. "ओर तेरा … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पाठ पठन/पाठक संख्या पचास हजार पार करने वाला ईपत्रिका इस लेखक का तीसरा ब्लाग/पत्रिका है। इसने हाल ही … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: ‘एक के तीन’, और ‘दो के छह’ की आवाज कहीं भी सुन लें तो हम भारतीयों के कान खड़े हो जाते हैं यह सोचकर कि … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: वह स्वस्थ्य सुंदर युवक रामलीला मंडली में भगवान श्री राम की भूमिका निभाता था। इसी कारण लोग उसको राम ज … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: इतिहास में नाम दर्ज करने की अपनी ख्वाहिश पूरी करने के लिये वह किसी भी हद तक जाऐंगे। कहीं जिंदा आदमी … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: हिंदी ब्लाग जगत पर अनेक लोग छद्म नाम से लिखते हैं और यह परंपरा उन्होंने अंग्रेजी से ही ली है। जहां त … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: यह कोई आग्रह नहीं है यह कोई चेतावनी भी नहीं है। यह कोई फतवा भी नहीं है और न ही यह अपने विचार को किसी … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: Technorati tags: Technorati tags: अखबार, पत्रकार, अभिव्यक्ति, संचार, किशन पटनायक, kishan patanayak, … more →
राजीव् तनेजा wrote 8 months ago: पहली कहानी- बताएँ तुझे कैसे होता है बच्चा दूसरी कहानी- बस बन गया डाक्टर तीसरी कहानी- नामर्द हूँ,पर म … more →
राजीव् तनेजा wrote 8 months ago: समदर्शी जी नमस्कार…. ये खुला पत्र मैँ आपको इसलिए नहीं लिख रहा हूँ कि मेरे पास लिफाफा खरीदने के … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: अंतर्जाल पर हिंदी में सक्रिय कई ऐसे ब्लाग लेखक हैं जिन्हें लिखते हुए छह साल हो गये हैं। उन लोगों की … more →
दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: शायद वह लोग सही कहते हैं कि ‘हिंदी सिखाने के लिये रहीम,तुलसी और कबीर की रचनाओं को नहीं पढ़ाना चाहिये … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: लोग है कि मानते नहीं। कहो वह समझते नहीं और हम है कि कहने से बाज नहीं आते। बात केवल इतनी है कि हिंदी … more →
राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: ***राजीव तनेजा*** “सुनो”… “ये ‘ट्यूब’ कितने की आती है?” … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बहुत मुश्किल हो गया। अंतर्जाल पर ब्लाग पर ऐसी कठिनाई आयेगी यह कभी नहीं सोचा था। मैं कंप्यूटर पर बैठत … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बिकने के लिए तैयार है तो फिर सौदे जैसा लिख और दिख बाज़ार के कायदे हैं अपने जहां मत देख ईमानदार बने रह … more →