तलवार ख़ूँ में रंग लो, अरमान रह न जाये । बिस्मिल के सर पे कोई अहसान रह न जाये ।। अब आगे पृष्ठ 131 से जारी है…. समिति के सदस्यों ने इस प्रकार का व्यवहार किया । बाहर जो साधारण जीवन के सहयोगी थे, उन… more →
काकोरी काँड : Kakori Conspiracyडा. अमर कुमार wrote 10 months ago: तलवार ख़ूँ में रंग लो, अरमान रह न जाये । बिस्मिल के सर पे कोई अहसान रह न जाये ।। अब आगे पृष्ठ 131 से … more →
डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: राजकीय घोषणा के पश्चात जब मैं शाहजहाँपुर आया तो शहर की अदभुत दशा देखी । कोई पास तक खड़े होने का साहस … more →