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Blogs about: लोकव्यवहार

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महाभारत प्रकरण: यक्ष-युधिष्ठिर संवाद - महाजनो येन गतः सः पन्थाः1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 5 months ago: महाकाव्य महाभारत में ‘यक्ष-युधिष्ठिर संवाद’ नाम से एक पर्याप्त चर्चित प्रकरण है । संक्षेप में उसका व … more →

Tags: अध्यात्म, दर्शन, नीति, महाभारत, Philosophy, Morals, Mahabharata, पांडव, जीवधारी

तृष्णा से मुक्ति भोग से नहीं शमन से संभव - नीतिवचन महाभारत से1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: महाकाव्य महाभारत में राजा ययाति की कथा का उल्लेख है । कहा जाता है कि किसी समय दैत्यों के गुरु शुक्रा … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, महाभारत, अनुशासन पर्व, तृष्णा, आदि पर्व, पुरु, Mahabharata, ययाति

नीति वचन: गच्छन् पिपिलिको याति ...

योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: माध्यमिक स्तर की किसी कक्षा में संस्कृत विषयक पुस्तक में मैंने कभी नीति संबंधी एक श्लोक पढ़ा था । वह … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, नीति वचन, गरुड़, चींटी, संकल्प, commitment

दूसरों की सफलता सहना सरल नहीं - चाणक्य वचन

योगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: इस माह की ‘सम्भाषणसंदेशः’ नामक मासिक संस्कृत पत्रिका में मुझे अधोलिखित नीतिवचन पढ़ने को मिला: दह्यमान … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, सूक्ति, प्रतिस्पर्धा, चाणक्य, निंदा, राजनेता, सम्भाषणसंदेशः, स्वभाव

हितोपदेश के नीतिवचन: दो, विद्या की महत्ता

योगेन्द्र जोशी wrote 9 months ago: पिछली पोस्ट (९ मार्च २००९) में मैंने संस्कृत ग्रंथ हितोपदेश के नीतिवचनों की चर्चा आरंभ की थी । उस पो … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, सूक्ति, विद्या, ज्ञान, धन, धर्म, योग्यता

कभी न बुढ़ाने वाली तृष्णा - नीतिवचन महाभारत से

योगेन्द्र जोशी wrote 9 months ago: महाकाव्य महाभारत के कौरव-पांडव युद्ध की समाप्ति के बाद उसके दुष्परिणामों से व्यथित युधिष्ठिर शरशय्या … more →

Tags: नीति, सूक्ति, महाभारत, भीष्म, युधिष्ठिर, अनुशासन पर्व, तृष्णा, माया, वृद्धावस्था

‘लोकः आचरति अहितम् ’ - भर्तृहरिकृत वैराग्यशतकम् से

योगेन्द्र जोशी wrote 10 months ago: राजा भर्तृहरि ने बतौर कवि के शतकत्रयम् की रचना की थी, जिसके तीन खंड हैं: नीतिशतकम्, शृंगारशतकम् एवं … more →

Tags: नीति, नीतिशतक, संस्कृत-साहित्य, सूक्ति, भर्तृहरि, संसार, लोक, वैराग्यशतक, सत्कर्म

व्यंगोक्ति: न वृथा किञ्चिदाचरेत्

योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: दक्षिण भारतीय नगर बेंगलुरु से ‘संस्कृतसंदेशः’ नामक एक संस्कृत पत्रिका छपती है । इसमें एक स्थाई स्तंभ … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, सूक्ति, व्यंग, चाटुकार, चाटु, धर्मकर्म, परलोक

‘लोभः पापस्य कारणम्’ और ‘सर्वे गुणाः काञ्चनमाश्रयन्ति’1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: इधर दो-चार दिनों से ‘सत्यम’ नामक सॉफ्टवेयर कंपनी समाचार माघ्यमों का विषय बना हुआ है, किसी सार्थक उपल … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, हितोपदेश, नीतिशतक, भर्तृहरि, धनोपार्जन, नारायणपण्डित, प्रतिस्पर्धा, भौतिक संपदा

लाङ्गूलचालनम् ...: नीति वचन भर्तृहरिकृत नीतिशतकम् से

योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: श्रीभर्तृहरि विरचित नीतिशतकम् में कुण्ठित एवं स्वाभिमानी व्यक्ति के बीच का अंतर कुत्ते और हाथी की पर … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, सूक्ति, नीतिशतकम्, भर्तृहरि, व्यवहार, नीति वचन, स्वाभिमान

गतानुगतिको ... : लकीर का फकीर यह संसार

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: अपने छात्रजीवन में मैंने एक नीतिश्लोक पढ़ा था जो मुझे अपनी कमजोर स्मरणशक्ति के बावजूद आज भी याद है, श … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, सूक्ति, कथा, Morals, अंध नकल, लकीर का फकीर, व्यवहार, शिवलिंग

जैसा आचरण राजा का वैसा ही प्रजा का2 comments

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: मैंने पहले कभी (31 अक्टूबर) महर्षि बाल्मीकिविरचित रामायण में उल्लिखित राम-जाबालि संवाद की चर्चा की थ … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, Morals, राजा, रामायण, प्रजा, स्वेच्छाचार, ramayana

नीतिवचन महाभारत से - दुष्कर्म के लिए पुरुष दोषी

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: महाकाव्य महाभारत के शांतिपर्व के अंतर्गत मोक्षधर्म पर्व के अध्ययन से यही लगता है कि स्त्रीजाति के प् … more →

Tags: नीति, महाभारत, प्राचीन-भारत, Morals, Mahabharata, नीतिवचन, गौतम, चिरकारी, दुष्कर्म

स्फटिक धारण करना बनाम ‘मुण्डे मुण्डे मतिर्भिन्ना ...’

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: संस्कृत साहित्य में नीतिवचनों की भरमार है । उन्हीं में से एक हैः मुण्डे मुण्डे मतिर्भिन्ना तुण्डे तु … more →

Tags: नीति, विज्ञान, तर्कशास्त्र, logic, नीतिवचन, विकिरण, स्फटिक, quartz, Radiation

सुभाषित: कृतघ्नता वृक्षों के प्रति1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: मेरे पास सुभाषितमाला नाम की एक पुस्तक है, श्री अरविंद आश्रम, पुदुच्चेरी (पूर्व में पांडिचेरी) से प्र … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, सूक्ति, Morals, ग्वोबल वार्मिंग, Global Warming, सुभाषितमाला, Subhashitamala

पञ्चतन्त्र नीतिवचन: आसन्नमेव नृपतिर्भजते ...

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: पञ्चतन्त्र की कथाएं सुविख्यात हैं । इसकी अधिकतर कथाओं में कथाकार विष्णुदत्त शर्मा ने पशुपात्रों को श … more →

Tags: नीति, संस्कृत-साहित्य, पञ्चतन्त्र, सूक्ति, चाटुकार, विष्णुदत्त शर्मा, PanchaTantra, संस्कार

मानुषों के चार प्रकार - सत्पुरुष ...

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: भर्तृहरि-विरचित नीतिशतकम् का लोकव्यवहार से जुड़ा एक गंभीर श्लोक यह हैः एके सत्पुरुषाः परार्थघटकाः स्व … more →

Tags: दर्शन, नीति, संस्कृत-साहित्य, नीतिशतक, नीतिशतकम्, भर्तृहरि, वैराग्यशतकम्, शृंगारशतकम्, सादवाद


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