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Blogs about: लोग

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आभार ... धन्यवाद11 comments

उन्मुक्त wrote 9 months ago: कुछ समय पहले, मैथली गुप्त जी ने, कैफे हिन्दी नामक एक वेबसाइट शुरू की। मैं न तो मैथली जी को, न ही  इस … more →

Tags: सूचना, विचार, hindi, हिन्दी, Introduction, परिचय, People

जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं11 comments

विनय wrote 11 months ago: जो लोग अच्छे होते हैं दिखते नहीं हैं चाहने वाले बाज़ार में बिकते नहीं हैं ख़ुद से पराया ग़ैरों से अपन … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, वक़्त, चाह, दोस्त, Heart, time, दिल, याद, बाज़ार

अपनी जिंदगी के राज किसको बतायें-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जिनको माना था सरताज वह असलियत में सियार निकल आये भरोसा किया था जिन पर वह मतलब निकालकर होशियार कहलाये … more →

Tags: hasya -vyangya, Kavita, hasya vyang, vyangya, writer, aritile in hindi, हिंदी आलेख, हिंदी, hindi article

तुम मोबाइल भाई बन जाओ-हास्य कविता hasya vyangya

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: सास ने कहा बहू से ‘देखो, आज है राखी का दिन सब बहनों को भाईयों से निभाना तुम जल्दी भाई को जाकर राखी ब … more →

Tags: abhivyakti, editoriyal, Internet, Friends, साहित्य, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप, web dunia, web duniya

वह मतलब निकालकर होशियार कहलाये-हिंदी कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जिनको माना था सरताज वह असलियत में सियार निकल आये भरोसा किया था जिन पर वह मतलब निकालकर होशियार कहलाये … more →

Tags: abhivyakti, Internet, Friends, साहित्य, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप, web dunia, web duniya, web bhaskar

रास्तों पे सब ही पहचाने से लोग हैं4 comments

Rohit Jain wrote 1 year ago: रास्तों पे सब ही पहचाने से लोग हैं देखो करीब से तो अंजाने से लोग हैं दिल में झांकोगे तो बस तन्हाईयां … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Sep 2007, ही, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit

जैसे-तैसे निभाते हैं

विनय wrote 1 year ago: जैसे-तैसे निभाते हैं प्यार करके पछताते हैं सच्चे-झूठे सपने तेरे रातों की नींदें उड़ाते हैं दो किनारे … more →

Tags: मेरा गीत, उम्मीद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, रात, सपना, regret

कुछ तो बोलो!

विनय wrote 1 year ago: क्यों लोग यहाँ जमा हैं? क्यों वह उदास बैठा है? कुछ तो बोलो! मेरी साँसें उखड़ रही हैं शायिर: विनय प्र … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, साँस, Sad, Breath, उदास, People

दिल से पूछो4 comments

विनय wrote 1 year ago: दिल से पूछो, इसकी मोहब्बत क्या है दिल बतायेगा इसकी चाहत क्या है बस तुम हो बस तुम हो सिर्फ़ तुम हो जैस … more →

Tags: मेरा गीत, मुहब्बत, इश्क़, Love, दिल, प्यार, बादल, मोहब्बत, इंतिज़ार

जिसके लम्स ने तख़लीक़ किया

विनय wrote 1 year ago: लोग कहते हैं इश्क़ ने किया है मुझको गुमराह दुनिया में आया हूँ जिसके लिए करे मुझको ज़िबह जिसके लम्स ने … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, गुमराह, ज़िबह, तख़लीक़, शिकन, गिरह, Love, Pain

माज़ी को बहुत खंघालते हैं लोग

विनय wrote 2 years ago: माज़ी को बहुत खंघालते हैं लोग बेतरह मतलब निकालते हैं लोग हुआ कब मुझ से उनका बुरा किसलिए नाम मेरा उछाल … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, वक़्त, time, आदत, नाम, Pain, कहानी, Friend, Story


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