धीरे-धीरे उतरती है साँस सीने में यह दर्द बड़ा बेदर्द है सीने में लुत्फ़ जीने क सब ख़त्म हो गया डूबती दिखती है हर आस सीने में उसने सवाल यूँ रखे मेरे सामने जवाब आबला-पा रह गये सीने में एक कशिश जो उ… more →
तख़लीक़-ए-नज़रwrote 2 years ago: धीरे-धीरे उतरती है साँस सीने में यह दर्द बड़ा बेदर्द है सीने में लुत्फ़ जीने क सब ख़त्म हो गया … more →