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Blogs about: वर्ग चेतना

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भगत सिंह, कम्युनिस्ट और गाँधी होने का मतलब2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: पूंजीपतियों के चाटुकार बुद्धिजीवियों द्वारा जानबूझकर परंतु कुछ पढ़े-लिखे लोगों द्वारा अनजाने में भावु … more →

Tags: भगत सिंह, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, फासिज्म, युद्ध, कविता, मजदूर वर्ग की विरासत, इन्कलाब

आज शहीदे-आजम का 102वां जन्मदिन है 1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: अमर शहीदों का पैगाम, जारी रखना है संग्राम ! भगत सिंह की बात सुनों, नई क्रांति की राह चलो ! मेहनतकश ब … more →

Tags: भगत सिंह, क्रांति, आह्वान, साम्राज्यवाद, युद्ध, काले कानून, मजदूर वर्ग की विरासत, इन्कलाब, आज़ादी

चुनाव या अन्य इंकलाबी विकल्प – क्या करें

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: इस आलेख की पिछली कड़ियों के लिए : 3 इससे पहली कड़ी के लिए : यहाँ देखें 2 दूसरी किश्त : यहाँ देखें 1. ऑ … more →

Tags: क्रांति, आह्वान, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, मजदूर वर्ग की विरासत, इन्कलाब, भारतीय चुनाव प्रणाल, लोक स्वराज्य, राज्यों के विधानसभा

भारत के गाँव-गाँव तक पैठ कर चुकी बुर्जुआजी

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: पिछली कड़ी के लिए यहाँ देखें इस लेख के सम्पूर्ण ऑडियो (पंजाबी) के लिए यहाँ दबायें चुनाव या अन्य इंकला … more →

Tags: आह्वान, मार्क्सवाद, Maoism, सोवियतें, कम्यून, मजदूर वर्ग की विरासत, इन्कलाब, संशोधनवाद, भारतीय चुनाव प्रणाल

चुनाव या कोई अन्य इंकलाबी विकल्प - दूसरी किश्त

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: कड़ी जोड़ने के लिए और ऑडियो सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें इस ऑडियो द्वारा शहीद भगत सिंह विचार मंच ने भ … more →

Tags: भगत सिंह, क्रांति, कम्युनिस्ट, सोवियतें, कम्यून, मजदूर वर्ग की विरासत, माओ त्से तुंग, इन्कलाब, संसदीय

चुनाव या कोई अन्य इंकलाबी विकल्प 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: इस ऑडियो द्वारा शहीद भगत सिंह विचार मंच ने भारत में होने वाले निरर्थक संसदीय ओर अन्य चुनावों के बारे … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, साम्राज्यवाद, इन्कलाब, संसदीय, संशोधनवाद, नक्सलबाड़ी

भोजन दी खोज द्वारा सभ्यता दे निर्माण (दूसरी प्रकृति दे निर्माण ) दा द्वंदात्मक भौतिकवादी इतिहास

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: फाइल डाउनलोडिंग लिंक फाइल साइज़ 6000 k समय 51 मिनट इस ऑडियो के हिंदी टेक्स्ट के लिए यहाँ देखें : . … more →

Tags: दायित्वबोध, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, विरासत, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, एंगेल्स, समाज और संस्कृति

हम अब भी लालगढ़ में हैं - चत्रधर महतो

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 4 months ago: हम अब भी लालगढ़ में हैं, ऐसा कहना है लालगढ़ (पश्चिम बंगाल) के आदिवासी नेताओं का. मंगलवार, 30 जून को … more →

Tags: आंदोलन, पूंजीवादी संकट, आतंकवाद, उत्पादन के संबंध, उदारीकरण, कम्युनिस्ट पार्टी क, संशोधनवाद, समाज और संस्कृति, दुस्साहसवाद

पूंजीवादी संचय मेहनतकश वर्ग के दरिद्रीकरण और अध:पतन की ओर -- सम्पत्तिहर्त्ताओं के सम्पत्तिहरण की ओर ले जाता है

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: 31.  ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां उस स्थिति में भी जब मजदूर … more →

Tags: सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, एंगेल्स, कार्ल मार्क्स, कम्युनिस्ट पार्टी क, डेविड रियाज़ानोव, व्याख्यात्मक टिप्पण

बुर्जुआ समाज के अंतरविरोध और सर्वहारा द्वारा इनका उपयोग2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: 27.  ‘कम्युनिस्ट मेनिफेस्टो’ पर डेविड रियाजानोव की व्याख्यात्मक टिप्पणियां बुर्जुआ वर्ग की कतारों के … more →

Tags: आंदोलन, सर्वहारा, मार्क्सवाद, संघर्ष, विरासत, कार्ल मार्क्स, मजदूर वर्ग की विरासत, कम्युनिस्ट पार्टी क, डेविड रियाज़ानोव

फासीवाद के 14 लक्षण 5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: डा. लॉरेंस ब्रिट डा. लॉरेंस ब्रिट  – एक राजनीतिक विज्ञानी जिन्होंने फासीवादी शासनों जैसे हिटलर … more →

Tags: कम्युनिस्ट, साम्प्रदायिकता, फासिज्म, आतंकवाद, काले कानून, आधी आबादी, ट्रेड यूनियन, राष्ट्रवाद, अन्धराष्ट्रवाद

मैं कार्ल मार्क्स के अतिरिक्त मूल्य के सिद्धांत की इतनी सरल प्रस्तुति सुन रही थी...2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: जैक लंडन का उपन्यास - देखें : \’आयरन हील\’ और अतिरिक्त मूल्य का नियम सपने का गणित अर्नेस … more →

Tags: कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, मार्क्सवाद, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, पुस्तकों सबंधी जानक, कार्ल मार्क्स

श्रम और पूंजी की टक्कर - एक ऐसा 'वैषम्य' जिसका निपटारा बल प्रयोग द्वारा ही होता है 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: श्री दिनेशराय द्विवेदी जी द्वारा लिखित आलेख ‘उद्यम भी श्रम ही है‘ और श्री ज्ञानदत्त जी प … more →

Tags: पुस्तकें, सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, मार्क्सवाद, संघर्ष, युद्ध, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, Marxism

दलित-प्रश्न और स्त्री-प्रश्न पर सही रुख अपनाओ!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: समाजवाद, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, संघर्ष, Marxism, कविता, उदारीकरण, जीवन

आज के किसान का चरित्र - हमारी पहुँच - कुछ और स्पष्टता

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: “कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर … की टिप्पणियों के प्र … more →

Tags: क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, Communist, इन्कलाब, क्रांतिकारी, जनवादी

कांग्रेस की जीत…अफलातून और सुरेश चिपलूनकर… कुछ विशेष टिप्पणियों का सामान्य जवाब2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: कड़ी जोड़ने के लिए देखे : “कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते म … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन

"कांग्रेस की जीत पर अफलातून और सुरेश चिपलूनकर के दुःख में हम भी शरीक होते मगर …की टिप्पणियों के प्रत्युत्तर में5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: इस पोस्ट से सम्बंधित प्राप्त टिप्पणियों के पश्चात् यह ज़रूरी हो गया है कि इस विषय पर वाद-विवाद जारी … more →

Tags: दायित्वबोध, प्रतिबद्ध, लेनिन, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन

अंतर्जाल, मार्क्सवाद और बौद्धिक वेश्यागमनी5 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: मार्क्सवाद के विकास के लिए ज़रूरी है कि मार्क्सवाद को विकसित करने में मार्क्सवादियों के अब तक के अवद … more →

Tags: प्रतिबद्ध, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन के संबंध, कार्ल मार्क्स

नई समाजवादी क्रान्ति का उद्घोषक 'बिगुल' के मई-2009 अंक की विषय - सामग्री2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: मज़दूर वर्ग के लिए सबसे बुरी बातों में से एक शायद यह है कि मई दिवस को आज एक अनुष्ठान बना दिया गया है … more →

Tags: बिगुल, भगत सिंह, आंदोलन, सर्वहारा, संघर्ष, बाल श्रम, कविता, एंगेल्स, उदारीकरण


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