पिछली शताब्दी के नब्बे के दशक में और उसके बाद भारत में एक ऐसा वर्ग पनपा है जिसे प्रो.एल.पी.जी. वर्ग के नाम से जाना जाता है. अंग्रेजी में इसका विस्तार है Pro. Liberalization, Privatization और Globalisa… more →
नया सर्वहारा पुनर्जागरण नया सर्वहारा प्रबोधनShaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 weeks ago: पिछली शताब्दी के नब्बे के दशक में और उसके बाद भारत में एक ऐसा वर्ग पनपा है जिसे प्रो.एल.पी.जी. वर्ग … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 4 weeks ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 4 weeks ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: चुनावी राजनीति के मायाजाल से बाहर आओ! नये मज़दूर इन्कलाब की अलख जगाओ!! देशभर में लोकसभा चुनाव के लि … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 1 month ago: कात्यायनी बाबू बजरंगी आज एक राष्ट्रीय परिघटना बन चुका है। अहमदाबाद के इस शख्स का दावा है कि अब तक वह … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: एजेण्डा पर कम्युनिस्ट क्रान्तिकारियों की एकता का सवाल : एक सर्वभारतीय पार्टी के गठन की ओर नक्सलबा … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: तैयार होती ज़मीन, वह ऐतिहासिक विस्फोट और उसके बाद नवम्बर, 1964 में जब कलकत्ता के त्यागराज हॉल मे … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: निकट अतीत की पृष्ठभूमि : नक्सलबाड़ी-पूर्व दो दशकों के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट आन्दोलन नक्सलबाड़ी में … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: एक सिंहावलोकन -दीपायन बोस कुछ चीज़ें धकेल दी गयी हैं अँधेरे में उन्हें बाहर लाना है, जड़ों तक जाना ह … more →
amitabhtri wrote 1 year ago: नेपाल में माओवादियों की विजय के उपरांत अनेक प्रकार के विचार सामने आने लगे हैं। भारत में इस विषय पर व … more →