में कई दिनों से सोच रहा था की में अपनी बंदी से मजे लूँ मगर केसे लूँ इसका तरीका समझ नही आ रहा था ~~~~~~~~~~~~~~~~~ तब मेने अपने दोस्त को बताया की मुझे एसा करना हैं थो उसने मुझे राय दी की तूं कही उसे घु… more →
आई लव यूaspundir wrote 2 months ago: पूजा के विविध उपचार संक्षेप और विस्तार के भेद से पूजा के अनेकों प्रकार के उपचार हैं- पञ्चोपचार-१॰ गन … more →
aspundir wrote 9 months ago: विविध कार्य-साधक अम्बिका मन्त्र ॐ आठ-भुजी अम्बिका, एक नाम ओंकार। खट्-दर्शन त्रिभुवन में, पाँच पण्डवा … more →
ramsewak wrote 1 year ago: में कई दिनों से सोच रहा था की में अपनी बंदी से मजे लूँ मगर केसे लूँ इसका तरीका समझ नही आ रहा था ~~~~ … more →
ramsewak wrote 1 year ago: मेरे पहले प्यार की खत्म होने की बात मेरा दूसरा प्यार सुरु हो गया हैं इसमे में पहले की तरह गलती नही … more →
ramsewak wrote 1 year ago: जब मैंने तुमको देखा में आपका दीवाना हो गया मुझे लगा में आपसे एक दिन जरुर प्यार की बात करूँगा और आप म … more →
ramsewak wrote 1 year ago: लड़का लड़की का प्यार बहुत समय से चला आ रहा हैं यह प्यार हमारे देश की शान हैं क्योकी प्यार से बढ़ कर … more →
ramsewak wrote 1 year ago: मेने बहुत सोचा और अब जन की मेरा प्यार कहातम होने वाला हैं कोयिकी मेने अपने प्यार का सही से इस्तेमाल … more →
ramsewak wrote 1 year ago: लव तो आई लव यू के बात आता हैं क्योकी पहले लड़का लड़की से आई लव यू कहता हे और फिर वह लड़की सी प्यार क … more →
Sanjay wrote 1 year ago: इंसान की नस्लों में भेदभाव का चलन क्यों शुरू हुआ और कैसे शुरू हुआ यह तो मैं नहीं बता सकता क्योंकि … more →
Sanjay wrote 1 year ago: ब्लॉगर्स के लिए यह बुरी खबर है. सउदी अरब के सबसे लोकप्रय ब्लॉग के लेखक फुआद अल फरहान को वहां की पु … more →
indianrebel wrote 1 year ago: आख़िर आज मैंने भी ब्लॉग की दुनिया से अपना नाता जोड़ लिया. इसका सारा श्रेय मेरे मित्र अनुपम को जाता … more →
indianrebel wrote 1 year ago: प्रिय पाठकगण, Blog संसार में यह मेरा पहला प्रयास है. मेरी कोशिश रहेगी कि मैं यहाँ पर वह विचार प्रस्त … more →
Gyandutt Pandey wrote 2 years ago: बर्बरीक फिर मौजूद था. वह नहीं, केवल उसका सिर. सिर एक पहाड़ी पर बैठा सामने के मैदान पर चौकस नजर रखे था … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: श्री गोवर्धन वासी सांवरे लाल तुम बिन रह्यो न जाय हो॥ बृजराज लडेतोलाडिले॥ बंक चिते मुसकाय के लाल सुंद … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: हों वारी इन वल्लभीयन पर। मेरे तन कौ करौं बिछौना, सीस धरो इनके चरनन पर। भावभरी देखो इन अँखियन, मंडल म … more →