मार्क्स ने जिस अर्थ में ‘वर्ग-संघर्ष’ की बात की थी, यह सही है कि भारत में विशुद्ध रूप से वैसे किसी वर्ग-संघर्ष की स्थिति अब तक नहीं बन पाई। लेकिन बीसवीं शताब्दी के दौरान भारतीय समाज में कई… more →
Srijan ShilpiSatish Chandra satyarthi wrote 3 months ago: धूमिल की यह कविता कुछ वर्षों पहले भी पढी थी पर उस वक्त कुछ ख़ास अनुभूति नहीं हुई थी। शायद इस कविता क … more →
sanjayrajasthani wrote 10 months ago: राजस्थान में विधानसभा चुनाव का धूम धड़ाका शुरू हो चुका है। भारत के इस सबसे शांत और विकासशील राज्य मे … more →
सृजन शिल्पी wrote 2 years ago: मार्क्स ने जिस अर्थ में ‘वर्ग-संघर्ष’ की बात की थी, यह सही है कि भारत में विशुद्ध रूप से … more →