पता नहीं क्यों भारत के लेखकों और बुद्धिजीवियों एक तरफ से तो देशप्रेम से ओतप्रोत रहते हैं दूसरी तरफ अपने लेखों और वक्तव्यों में दूसरे देशों से सीख लेने का संदेश देते हैं। इनमें दो देशों के नाम… more →
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 2 days ago: आतंक कोई बाहर विचरने वाला पशु नहीं बल्कि मानव के मन में रहने वाला भाव है जो उसके सामने तब उपस्थित हो … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पता नहीं क्यों भारत के लेखकों और बुद्धिजीवियों एक तरफ से तो देशप्रेम से ओतप्रोत रहते हैं दूस … more →