तू कर यह वादा भी मेरे अल्लाह तू संग न होगा तू है भी अगर किसी बुते-संग में तू संग… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 8 months ago: तू कर यह वादा भी मेरे अल्लाह तू संग न हो … more →
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: हम भी पागल थे ग़ैरों को अपना जानते थे रु … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: यादों का सागर गहरा है उसमें डूब जाऊँ त … more →