‘सत्यमेव जयते’ भारत सरकार द्वारा शासकीय प्रतीक-वाक्य के तौर पर अपनाया गया सूक्त है, जिससे बहुत से लोग परिचित होंगे । इसी प्रकार का एक औपनिषदिक वाक्यांश ‘विद्ययामृतमश्नुते’ है जिसके दर्शन शिक्षा के क्ष… more →
विचार संकलनयोगेन्द्र wrote 1 month ago: ‘सत्यमेव जयते’ भारत सरकार द्वारा शासकीय प्रतीक-वाक्य के तौर पर अपनाया गया सूक्त है, जिससे बहुत से लो … more →
योगेन्द्र wrote 2 months ago: यह नितांत सत्य है कि सभी जीवधारियों का भौतिक अस्तित्व पदार्थमूलक है, अर्थात् उनके अस्तित्व की अनुभूत … more →
योगेन्द्र wrote 8 months ago: वैदिक मंत्रों में सुख्यात तथा सर्वाधिक चर्चित मंत्र श्रीगायत्री मंत्र है जिसके मंत्रद्रष्टा ॠषि विश् … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: हमारे देश की संघीय व्यवस्था में अशोक की लाट शासन के प्रतीक के तौर पर स्वीकारा गया है और उसके साथ अंक … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: छ: वैदिक मन्त्रों की इस शृंखला में अधोलिखित मन्त्र (यजुष्) अन्तिम है:- सुषारथिरश्वानिव यन्मनुष्यान् … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: मैं शुक्लयजुर्वेद के चौंतीसवें अध्याय के उन छः मंत्रों की चर्चा कर रहा हूं जिनका अंतिम चरण ’तन्मे मन … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: इस स्थल पर शुक्लयजुर्वेद के जिन मन्त्रों की बात मैं कर रहा हूं (तीसरे के लिए क्लिक करें) उनमें क्रमश … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: इस बात की चर्चा पहले की जा चुकी है कि शुक्लयजुर्वेद के ३४वें अध्याय के आरंभ के सभी छः मन्त्रों का अ … more →
योगेन्द्र wrote 10 months ago: शुक्लयजुर्वेद के ३४वें अध्याय के आरंभ का क्रमशः दूसरा मन्त्र (यजुष्) इस प्रकार् है:- येन कर्माण्यप … more →
योगेन्द्र wrote 10 months ago: वैदिक एवं औपनिषदिक ग्रन्थों में कई मंत्र ऐसे हैं जिनमें आत्मिक उत्थान के गंभीर भाव प्रार्थनाओं के रू … more →
aspundir wrote 10 months ago: गणेश-शाबर-मन्त्र की प्रमाणिकता पाठक बन्धुओं आज मैं कुछ अन्य प्रयोगों का प्रकाशन करने के लिये टाइप कर … more →
aspundir wrote 11 months ago: स्वस्ति-वाचन आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतोऽदब्धासो अपरीतास उद्भिदः । देवा नो यथा सदमिद् वृधे असन … more →
aspundir wrote 12 months ago: वेद के सूक्तों का तात्त्विक रहस्य ‘सूक्त’ शब्द ‘सु’ उपसर्गपूर्वक ‘वच् … more →
aspundir wrote 1 year ago: वेदों का विभाजन आधुनिक विचारधारा के अनुसार चारों वेदों की शब्द-राशि के विस्तार में तीन दृष्टियाँ पाय … more →
aspundir wrote 1 year ago: वैदिक वाङ्मय का शास्त्रीय स्वरुप वर्तमान काल में वेद चार माने जाते हैं। उनके नाम हैं- (१) ऋग्वेद, (२ … more →
aspundir wrote 1 year ago: हिन्दू-धर्म का आधार हिन्दू धर्म व्यक्ति प्रवर्तित धर्म नहीं है। इसका आधार वेदादि धर्मग्रन्थ है, जिनक … more →