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Blogs about: वेद

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भर्तृहरि नीति शतक-भक्ति को धंधे की तरह न करें (bhakti ko dhandha n samjhen-hindu sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 22 hours ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि —————————— क … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, आलेख, आस्था, दीपक भारतदीप, धर्म, हिंदी पत्रिका, हिन्दू, bharat

‘आत्मानं रथिनं विद्धि ...’: कठोपनिषद् में आत्मा एवं शरीर के संबंध की व्याख्या 1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 2 weeks ago: पहले की एक पोस्ट (७ अक्टूबर २००९) में इस बात का उल्लेख किया गया है कि कठोपनिषद् में वाजश्रवापुत्र ऋष … more →

Tags: अध्यात्म, उपनिषद्, दर्शन, Philosophy, UPANISHADA, ved, कठोपनिषद्, कर्मेद्रिय, ज्ञानेंद्रिय

श्री गीता से-वेद ज्ञान से बड़ी है ह्रदय से की गए भक्ति (ved aur bhakt-shri geeta in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: यामिमां पुष्पितां वाचं प्रवदन्त्यविपश्चितः। वेदावादरताः पार्थ नान्यदरस्तीति वादिनः।। कामात्मानः स्वर … more →

Tags: adhyatm, alekh, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, दीपक भारतदीप, मस्त राम, संपादकीय, सन्देश

श्री गीता से-ज्ञान से योग अधिक महत्वपूर्ण (yogsadhna aur gyan-shri geeta

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: यामिमां पुष्पितां वाचं प्रवदन्त्यविपश्चितः। वेदावादरताः पार्थ नान्यदरस्तीति वादिनः।। कामात्मानः स्वर … more →

Tags: Hindi online journalism, Hindu darshan, Hindu culture, India, hindu dharm, web duniya, bhagavan shri krishn, hindi sanskar, web dunia

‘सत्यं वद, धर्मं चर, ...’ - तैत्तिरीय उपनिषद् के उपदेशात्मक मंत्र

योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: अपने आरंभिक छात्रजीवन के समय संस्कृत पाठ्यपुस्तकों में मैंने “सत्यं वद । धर्मं चर ।… मातृदेवो … more →

Tags: उपनिषद्, दर्शन, नीति, Morals, UPANISHADA, ved, Anuvak, अनुवाक, तैत्तिरीय उपनिषद्

वेद2 comments

gulabkothari wrote 3 months ago: हमारे शास्त्रों को केवल रटा और रटाया जाता है। इसी कारण न वेद समझ पाए हैं, न वेद का ज्ञान व्यवस्थित र … more →

Tags: spandan, गुलाब कोठारी, gulab kothari, patrika.com, rajasthanpatrika.com

मनु स्मृति-भक्ति में भी व्यापार करता हैं इंसान (bhakti men bhee vyapar-manu smruti

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: मनु महाराज कहते हैं कि —————- कि वेदैः स्मृतिभिः पुराणपठनैः शास्त्रेर् … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, adhyatm, उपनिषद

विद्ययामृतमश्नुते, अर्थात् व्यक्ति विद्या से अमृतत्व प्राप्त करता है - ईशोपनिषद् मंत्र

योगेन्द्र जोशी wrote 6 months ago: ‘सत्यमेव जयते’ भारत सरकार द्वारा शासकीय प्रतीक-वाक्य के तौर पर अपनाया गया सूक्त है, जिससे बहुत से लो … more →

Tags: अध्यात्म, दर्शन, उपनिषद्, Philosophy, ved, UPANISHADA, सत्यमेव जयते, ईशोपनिषद्, मंत्र

माण्डूक्योपनिषद् वचन - परमात्मा एवं जीवात्मा के बीच आकाश-घटाकाश के सदृश संबंध

योगेन्द्र जोशी wrote 7 months ago: यह नितांत सत्य है कि सभी जीवधारियों का भौतिक अस्तित्व पदार्थमूलक है, अर्थात् उनके अस्तित्व की अनुभूत … more →

Tags: अध्यात्म, दर्शन, वैदिक भारत, उपनिषद्, जीवात्मा, पंचमहाभूत, परमात्मा, लिंग देह, सूक्ष्म शरीर

श्रीगायत्री मंत्र - ॠग्वेद, यजुर्वेद, एवं सामवेद में

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: वैदिक मंत्रों में सुख्यात तथा सर्वाधिक चर्चित मंत्र श्रीगायत्री मंत्र है जिसके मंत्रद्रष्टा ॠषि विश् … more →

Tags: अध्यात्म, दर्शन, संस्कृत-साहित्य, Philosophy, ved, यजुर्वेद, , ॠग्वेद, गायत्री मंत्र

सत्यमेव जयते, या जयति?

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: हमारे देश की संघीय व्यवस्था में अशोक की लाट शासन के प्रतीक के तौर पर स्वीकारा गया है और उसके साथ अंक … more →

Tags: अध्यात्म, दर्शन, वैदिक भारत, उपनिषद्, मुण्डकोपनिषद्, Philosophy, UPANISHADA, संस्कृत सूक्ति रत्न, सत्यमेव जयते

मे मनः शिवसंकल्पमस्तु - ६

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: छ: वैदिक मन्त्रों की इस शृंखला में अधोलिखित मन्त्र (यजुष्‌) अन्तिम है:- सुषारथिरश्वानिव यन्मनुष्यान् … more →

Tags: अध्यात्म, दर्शन, वैदिक भारत, Philosophy, ved, यजुर्वेद, यजुः, वैदिक, मंत्र

मे मनः शिवसंकल्पमस्तु - ५1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: मैं शुक्लयजुर्वेद के चौंतीसवें अध्याय के उन छः मंत्रों की चर्चा कर रहा हूं जिनका अंतिम चरण ’तन्मे मन … more →

Tags: अध्यात्म, दर्शन, वैदिक भारत, Philosophy, ved, यजुर्वेद, यजुः, वैदिक, मंत्र

मे मनः शिवसंकल्पमस्तु - ४

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: इस स्थल पर शुक्लयजुर्वेद के जिन मन्त्रों की बात मैं कर रहा हूं (तीसरे के लिए क्लिक करें) उनमें क्रमश … more →

Tags: अध्यात्म, दर्शन, वैदिक भारत, Philosophy, यजुर्वेद, यजुः, वैदिक, mantra, Vaidic

मे मनः शिवसंकल्पमस्तु - ३

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: इस बात की चर्चा पहले की जा चुकी है कि शुक्लयजुर्वेद के ३४वें अध्याय के आरंभ के सभी छः मन्त्रों का अन … more →

Tags: अध्यात्म, दर्शन, वैदिक भारत, Philosophy, यजुः, वैदिक, mantra, Vaidic, शुक्ल यजुर्वेद

तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु - २

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: शुक्लयजुर्वेद के ३४वें अध्याय के आरंभ का क्रमशः दूसरा मन्त्र (यजुष्‌) इस प्रकार् है‍:- येन कर्माण्यप … more →

Tags: अध्यात्म, दर्शन, यजुः, वैदिक, मंत्र, mantra, Vaidic, शुक्ल यजुर्वेद, Shukla Yajurveda

तन्मे मनः शिवसंकल्पमस्तु - १1 comment

योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: वैदिक एवं औपनिषदिक ग्रन्थों में कई मंत्र ऐसे हैं जिनमें आत्मिक उत्थान के गंभीर भाव प्रार्थनाओं के रू … more →

Tags: अध्यात्म, दर्शन, Philosophy, वैदिक, मंत्र, mantra, Vaidic, शुक्ल यजुर्वेद, Shukla Yajurveda

गणेश-शाबर-मन्त्र की प्रमाणिकता8 comments

aspundir wrote 1 year ago: गणेश-शाबर-मन्त्र की प्रमाणिकता पाठक बन्धुओं आज मैं कुछ अन्य प्रयोगों का प्रकाशन करने के लिये टाइप कर … more →

Tags: शाबर मन्त्र-Shabar Mantra, aspundir's weblog, अभिलाषा, आगम, गणेश-शाबर, जिज्ञासु, तन्त्र-शास्त्र, निगम, पाठक-गण

स्वस्ति-वाचन4 comments

aspundir wrote 1 year ago: स्वस्ति-वाचन आ नो भद्राः क्रतवो यन्तु विश्वतोऽदब्धासो अपरीतास उद्भिदः ।  देवा नो यथा सदमिद् वृधे असन … more →

Tags: Dharma-धर्म, ऋग्वेद, स्वस्ति-वाचन


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