Blogs about: वैचारिक

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एक भला काम करें-अपने चिट्ठे पर एक लिंक लगायें1 comment

जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: Esha – एक संस्था है जो कि नेत्रहीनों के लिये काम कर रही है। यह संस्था कई तरीकों से नेत्रहीनों … more →

Tags: समाज, सूचना

नीली रेखाओं और लाल चेहरों वाला शहर6 comments

जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आप लोग सोचते होंगे कि दिल्ली के लोग कैसे इतने खौफ में जीते होंगे। एक तरफ लाल चेहरे वाले बंदरों का आत … more →

Tags: देश, हास्य, समाज, मेरी दिल्ली

राजनीति के ’पिंजर’ में फंसा लोकतंत्र2 comments

जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: अमृता प्रीतम का उपन्यास ’पिंजर’ मैंने  तब  पढ़ा था पहली बार जब में स्कूल में ही था। उसके बाद जाने कित … more →

Tags: कहानी, देश, समाज, राजनीति, पुस्तकें, पंजाबी, India, Politics, Punjabi

मंटो की कहानी - "खोल दो"4 comments

जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: … more →

Tags: उर्दू, कहानी, समाज

मंटो की कहानी - टोबा टेक सिंह5 comments

जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: बंटवारे के दो तीन साल बाद पाकिस्तान और हिंदुस्तान की हुकूमतों को ख्याल आया कि इखलाकी क़ैदियों की तरह … more →

Tags: उर्दू, कहानी, पुस्तकें, समाज, India, Politics, Urdu

वित्तमंत्री जी डाक टिकट के पैसे तो दे दो इन्हें6 comments

जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: आज जीतू भाई से दिल्ली में मिलने से पहले मैं अपना आयकर रिटर्न जमा करवाने ITO गया। कई सालों से देख र … more →

Tags: काम की बात, बस यूँ ही

क्या कोइ हमें हिंदी चिट्ठों का देसीपंडित देगा ?5 comments

जगदीश भाटिया wrote 1 year ago: मेरे दोस्त राजेश रोशन ने लिखा कि कैसे उनकी एक पोस्ट पर एक ही दिन में 221 हिट्स मिले। ऐसा ही एक बार म … more →

Tags: चिट्ठाकारिता, हिंदी, hindi, इंटेरनेट, Blog

उनकी आत्महत्या और हमारी आत्मा की हत्या7 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: परसों जब अपने नये चिट्ठे मजेदार समाचार के लिये कुछ मजेदार समाचार खोज रहा था तो एक समाचार पर नजर पड़ी … more →

Tags: दुनिया, देश, राजनीति, हिंदी, Fun, hindi, India, Politics

सावधान! आपकी निजी सूचनायें कोई बेच तो नहीं रहा!12 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago:   कल पार्किंग में गाड़ी खड़ी करके ऑफिस की ओर जाने लगा तो एक युवक टकरा गया। “माफ करें सर! आपसे दो … more →

Tags: काम की बात, सूचना, हिंदी, hindi, India

मत रोको हवाओं को8 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: मार्च का महीना हमारे लिये बहुत ही व्यस्ततम महीना होता है। मैंने फैसला किया था कि मार्च में कोई पोस्ट … more →

Tags: चिट्ठाकारिता, हिंदी, इंटेरनेट, Blog

मेरी पाँच बातें : तर्जुमा आईने का ठीक नहीं16 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: रचना जी ने जब पांच सवाल पूछे तो मैंने चुटकी ली थी कि “आपको मौका मिला था तो कुछ निजी पोल पट्ट … more →

Tags: चिट्ठाकारिता, हिंदी, hindi, Blog

मुन्नाभाई अमेरिका में14 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: (नीरज भाई तथा अनूप भाई की फरमाईश पर एक बार फिर पेश है मुन्ना सरकिट संवाद। जैसा कि आप सब को मालूम हो … more →

Tags: देश, चिट्ठाकारिता, हास्य, दुनिया, मुन्नाभाई, हिंदी, hindi, India, Politics

हिंदी को बचाता याहू या हिंदी बचाती याहू को14 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: जिस दिन से हिंदी याहू शुरू हुआ, मेरा होमपेज बन गया। शुरू से ही साईट पर हिंदी में पढ़ने को इतना कुछ … more →

Tags: काम की बात, देश, सूचना, हिंदी, hindi, India, इंटेरनेट

ये तलवार वाले... नाक के रखवाले 10 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: केमिकल लोचा- संदर्भ :- गांधीगिरी कुछ दिन से ढंग से मैं सो नहीं पाया रात बदली करवट तो बापू को पाया … more →

Tags: देश, कविता, मुन्नाभाई, हिंदी, hindi, India

ओये गुरू......11 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: अनूप जी ने एक बार चिट्ठाचर्चा में लिखा था सबेरे से बांचते रहे अखबार चवन्नी भर सरक गया इतवार आप सब क … more →

Tags: देश, दुनिया, समाज, हिंदी, hindi, India, Politics

धुंधलकों में छिपा सच7 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: शशि भाई और बुल्लेशाह ने जब काबुल एक्सप्रैस के बारे में लिखा तो स्वंय को फिल्म देखने से रोक नहीं पाया … more →

Tags: देश, दुनिया, समाज, हिंदी, hindi, फिल्म

आम आदमी के साथ....?7 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: आज के समाचरपत्रों में मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई से सितंबर) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडी … more →

Tags: अर्थव्यवथा, देश, समाज, हिंदी, hindi, India

केवल व्यस्कों के लिये संसद8 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: आपको याद है दूरदर्शन का वो जमाना जब चित्रहार में हीरो और हिरोईन नजदीक आते (नहीं नहीं आने को होते) तो … more →

Tags: हिंदी, hindi

क्या इतनी सिंपल सी बात गोवरंमेंट को समझ नहीं आती?6 comments

जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: मेरी आठवीं में पढ़ने वाली बेटी ने आज पढ़ते पढ़ते अचानक पूछ लिया: “पापा, एक छोटा सा फ्लैट बनान … more →

Tags: हिंदी, hindi


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