वो बहुत याद आए भुलाने के बाद आग बुझती नहीं है ज़माने के बाद और इस से बड़ी कोई मुश्किल नहीं ज़िंदगी बढ़ गई ज़हर खाने के बाद इतना अंधा किया फ़ुरक़ते यार ने दिल जलाना पड़ा उसके जाने के बाद हुआ हाल ऐसा मे… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 2 months ago: वो बहुत याद आए भुलाने के बाद आग बुझती नहीं है ज़माने के बाद और इस से बड़ी कोई मुश्किल नहीं ज़िंदगी ब … more →
Nidhi KM wrote 5 months ago: तुम कहते हो,वो बेवफा हो गया है… प्यार मे दर्द, हर रोज़ दे गया है… कभी सज़ा देता है, तो क … more →
Nidhi KM wrote 8 months ago: वो कहता है, तुम अपना प्यार शब्दों में बयां करती हो कैसे ? वो शब्दों की बात करता है … जो दिल मे … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: वो शख़्स धीरे धीरे साँसों में आ बसा है बन के लकीर हर इक, हाथों में आ बसा है वो मिले थे इत्तेफ़ाक़न हम ह … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: जब से मैने वो हँसी सा पैकर देखा है झूमता गाता हुआ हर मंज़र देख है राह में मिलनेवालों से लेते हैं अपनी … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: सच शय है वो जिसको कभी बोला नहीं जाता अपनी ही क़ब्र को कभी खोला नहीं जाता क्या रंग सियासत ने दिया है ज … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: वो नहीं क़ातिल ये तो खंजर की ख़ता थी वो कहाँ बदले मेरी नज़र की ख़ता थी उस ही की दीवारें ज़रा मजबूत नहीं थ … more →
Rohit Jain wrote 1 year ago: हर तराशा हुआ बुत ख़ुदा नहीं होता हर आँख में दिल का आईना नहीं होता रही होंगी शायद कोई मजबूरियां उसकी व … more →