Blogs about: व्यंग्य कविता
पसीना ही कविता लिखवाता है
दीपक भारतदीप wrote 2 days ago: बदलते मौसम के साथ मन भी यूं बदल जाता है … more »
नकली जिंदगी की खातिर-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: फिल्मों में ही होता है चक दे इंडिया सच … more »
कमरे के अंदर-बाहर की राजनीति होती हैं अलग-अलग-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: सभाकक्ष से बाहर निकलते ही फंदेबाज जोर … more »
शब्द ही हमारे मित्र और गुरु-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कलम और दवात लेकर जब निकले थे घर से तो नह … more »
दिल से सम्मान करे वही है सच्चा वीर-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: फटे हुए कपडे पहने चक्षुओं से अश्रु प्र … more »
अपना नाम भी होगा-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अंतर्जाल पर लिखने वाले एक कविनुमा ब्ल … more »
भजन करते-करते भक्त हो जायेंगे-हास्य क्षणिकाएँ
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दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: निजी अस्पतालों के बाहर लिखा रहता है … more »
हमारे ब्लोग की रेटिंग पांच से पौने पांच कर देना-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: आ गया सुबह एक फंदेबाज और बोला ”दीपक ब … more »
जब ऐसे भी फिक्स होने लगे
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दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: हीरो ने चांटा मारा एक लड़के को बडे जोर स … more »
चजई-शाम तक इनाम दिला देगा यह कार्टून-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: सुबह-सुबह आया एक कार्टूनिस्ट और बोला … more »
अपने चिराग खुद ही जलायें
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दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: सुबह की शायरी ———————– अप … more »
जिन पर होता कोहिनूर चैन से होते दूर
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: जिन्होंने जंग जीती है कभी उनकों हमेशा … more »
वोटर कभी नहीं हारता
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: खत्म हो गया चुनाव पता लग गया कहाँ था लो … more »
अँधेरे का व्यापार
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: वादों के बादल बरसने का मौसम जब आता है य … more »
बडे ब्लोगर अब साहित्यकारों पर बरस रहे हैं
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: ऐसा क्या हुआ है यारों ब्लोगर अब साहित … more »
सच का रास्ता ही दिल तक जाता है
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: वक्त ने देखा है सबको उसे चलते भले देखत … more »
शायद कभी छपे अच्छी खबर
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: हर सुबह अपने घर के दरवाजे पर रखा उठाता … more »
आराम से उपजती पीडा
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: वाशिंगटन स्थित वर्ल्ड वॉच इंस्टीट्यू … more »
सच को बैसाखियों की जरूरत नहीं-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: पत्थरों पर लिखी इबारत भी इतिहास का सच … more »
