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Blogs about: व्यंग्य चिंतन

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ईमानदारी में गज़ब कैसा-हिन्दी हास्य व्यंग्य (imandari men gazab- hindi vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: सप्ताह में उस दुकान से एक बार तो बेकरी का सामान जरूर खरीदते हैं। ऐसा बरसों से चल रहा है। वह दुकानदार … more →

Tags: abhivyakti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, मस्तराम, हास्य व्यंग्य

दूसरी किताब-हास्य व्यंग्य (doosri kitab- hindi hasya vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: बुद्धिजीवियों का सम्मेलन हो रहा था। अनेक प्रकार के बुद्धिजीवियों को उसमें आमंत्रण दिया गया। यह सम्मे … more →

Tags: abhivyakti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, हास्य व्यंग्य, हिंदी साहित्य

अन्न की तरह धन पचने का भी मंत्र हो तो अच्छा-हिंदी हास्य व्यंग्य (hasya vyangya in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: उस दिन एक संत को हमने पेट में अन्न पचाने का मंत्र बताते हुए सुना। वह सुबह, दोपहर और रात को भोजन करने … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, सूचना, हास्य व्यंग्य, bhaarat

नोबल और ग्लोबल-व्यंग्य आलेख (noble and global-hindi satire)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अमेरिका के राष्ट्रपति श्री बराक ओबामा को शांति के लिये नोबल पुरस्कार मिलने पर स्वयं उनको ही बहुत बड़ा … more →

Tags: हिन्दी, inglish, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India, अनुभूति, आलेख, हिंदी साहित्य, भाषा

शिशुओं का क्रीड़ाश्रम और मिठाई-हिन्दीहास्य व्यंग (child story and sweats-hindi vyanga

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सुबह दीपक बापू सड़कों पर पानी से भरे गड्ढों में गिरने से बचते हुए जल्दी जल्दी ही आलोचक महाराज के घर प … more →

Tags: writing, हिन्दी, vyangya, inglish, अभिव्यक्ति, India, हास्य व्यंग्य, अनुभूति, हिंदी साहित्य

सच का सामना और हास्य कवि-हास्य व्यंग्य कविता (face for trutu and hindi poet-hasya kavita1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: उन सज्जन ने सच की पहचान करने वाली मशीन की दुकान लगाई पर उसके उद्घाटन के लिये कोई तैयार नहीं हुआ भाई। … more →

Tags: writing, हिन्दी, vyangya, inglish, अभिव्यक्ति, yakeen, India, अनुभूति, Internet

बजट का कटु सत्य-हास्य व्यंग्य (hindi vyangya on budget)

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: उन्होंने जैसे ही दोपहर में बजट देखने के लिये टीवी खोला वैसे ही पत्नी बोली-‘सुनते हो जी! कल तुमने दो … more →

Tags: writing, हिन्दी, inglish, चिन्तन, yakeen, हास्य व्यंग्य, आलेख, हिंदी साहित्य, Internet

लड़की, लड़का और गिरगिट की नज़र-हास्य व्यंग्य1 comment

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: शाम का समय था और उन शराब के नशे में धुत उन दोनों लड़कों में एक ने राह पर अकेले जा रही उस लड़की का हा … more →

Tags: कला, मस्तराम, हंसना, हास्य व्यंग्य, bharat, Dashboard, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika

लेखक लिखने के ही नहीं पढने के भी भूखे होते हैं-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: क्या लेखक केवल लिखने के ही भूखे होते हैं? अधिकतर लोग शायद यही कहेंगे कि ‘हां’। यह बात नहीं है। सच तो … more →

Tags: writing, Global Dashboard, inglish, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India, अनुभूति, आलेख, web duniya

बड़ा कौन, कलम कि जूता-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: देश के बुद्धिजीवियों का एक गोलमेज सम्मेलन बुलाया गया था। गोलमेज सम्मेलन का विषय था कि ‘जूता बड़ा कि … more →

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बुद्धिजीवी समझाते है,पर समाज समझता नहीं-व्यंग्य आलेख1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बहुत दिन से हमारे दिमाग में यह बात नहीं आ रही कि आखिर कौन किसको क्या और क्यों समझा रहा है? कब समझा र … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कविता, चिन्तन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, समाज, साहित्य

चमत्कार को नमस्कार, सहजता से कोई नहीं सरोकार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: इस प्रथ्वी पर जीवन अपनी सहज धारा से बहता जाता है। अनेक आपदायें इस प्रथ्वी पर आती हैं पर फिर सब कुछ स … more →

Tags: Blogroll, writing, vyangya, aastha, inglish, अभिव्यक्ति, आस्था, आध्यात्म, चिन्तन

मानते नहीं तो फिर पत्थर क्यों उड़ाते-कविता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कहते हैं पत्थर के बुतों में भगवान नहीं मानेंगे पर भगवान के बुत उड़ाने पहुंच जाते जवाब नहीं देना इसलि … more →

Tags: Blogroll, writing, inglish, शेर-ओ-शायरी, शायरी, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India, भारत

बनते बिगड़ते हैं रंग और इंसान -कविता3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पल रंग बदलती दुनियां में रिश्ते भी बदलते हैं रंंग जो सारी उमर साथ चलने का एलान करते सरेआम वह कभी नही … more →

Tags: vyangya, vividha, inglish, संपादकीय, कविता, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India, हास्य व्यंग्य

ब्लाग गिरा सकता है, भाषा की दीवारें-आलेख2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अंतर्जाल पर छद्म मित्रों और आलोचकों ने मेरी सोच को बहुत संकीर्ण बना दिया है। इसलिये अगर अपने ब्लाग/प … more →

Tags: Blogroll, writing, inglish, संपादकीय, चिन्तन, India, हास्य व्यंग्य, आलेख, साहित्य

रेल की बोगी में ज्ञान की किताबें बेच सकते हैं, ज्ञान नहीं-आलेख1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वृंदावन की यात्रा कर हम दोनों पति-पत्नी दोनों ही खुश होते हैं। इस बार जब हम दोनों वहां पहुंचे तो बरस … more →

Tags: Blogroll, writing, vyangya, inglish, संपादकीय, अभिव्यक्ति, चिन्तन, सूचना, अनुभूति

मैत्री संदेशों से बचने की कोशिश-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: एक महिला ब्लाग लेखिका ने किसी वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल लिखते हुए क्लिक किया होगा। बस उसके संपर्क में … more →

Tags: writing, inglish, संपादकीय, अभिव्यक्ति, India, इंडिया, हास्य व्यंग्य, अनुभूति, आलेख

वह औरत-कविता 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: दिन भर ईंट, पत्थर और सीमेंट का मसाला-तस्सल सिर पर रखकर ढोती वह औरत रात्रि में प्लास्टिक की छत से ढंक … more →

Tags: writing, vyangya, inglish, कविता, अभिव्यक्ति, yakeen, India, bhaarat, भारत

हमने क्या बुरा किया-कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जिनको अपना समझकर सच कहा वह बेगाना समझने लगे जब तक उनकी लापरवाह अदाओं पर खामोश रहे उनको हम अच्छे लगे … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कला, कविता, चिन्तन, दीपक भारतदीप, भारत, मस्तराम, शायरी, शेर


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