एक अरसा हो गया है कुछ लिखे हुये, किसी की निंदा किये। यह सोचकर मन को बहला रहे थे कि आजकल व्यस्तता कुछ अधिक रहने लगी है। पर कारण शायद विषयाभाव था। आज प्रातः अनूप जी मिलने आये, शायद उससे कुछ प्रेरणा मिली… more →
निंदा पुराणअंकुर वर्मा wrote 1 year ago: एक अरसा हो गया है कुछ लिखे हुये, किसी की निंदा किये। यह सोचकर मन को बहला रहे थे कि आजकल व्यस्तता कुछ … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: आज चेन्नई ट्रेड सेंटर में तीन दिवसीय नैनो विज्ञान और तकनीक के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आईकानसेट -२००८ … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: हमारे देश ने पिछले १०-१५ वर्षों में काफ़ी तरक्की की है। मुख्यतः सॉफ्टवेयर धूम के कारण देश के खासकर मध … more →