कृपया आपने जूते बाहर उतरे ! ये बात हम कब से समझते और समझाते आए है की, “कृपयाअपने जूते बाहर उतारे “! पर इतनी सीधी सी बात ना हम किस… more →
NidhiKM...Dil Se...Life is not fair...You never know...Hai na...Tum jo bhi ho,sirf tumhare karana ho...Nidhi KM wrote 8 months ago: कृपया आपने जूते बाहर उतरे ! ये बात हम कब स … more →
प्रेमलता पांडे wrote 8 months ago: मुझे पता है यह बात कि पीठ दिखाना तो कायरता है। मैं कौन सी पीठ दिखा रही हूँ, मैं तो सोने की कोशिश कर … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 10 months ago: दक्षिण भारतीय नगर बेंगलुरु से ‘संस्कृतसंदेशः’ नामक एक संस्कृत पत्रिका छपती है । इसमें एक स्थाई स्तंभ … more →
Nidhi KM wrote 1 year ago: सोना और शुतुरमुर्ग बनना… ये क्या बात हुई भला?आप भी यही सोच रहे होंगे की आख़िर ये दोनो मे क्या … more →