जय जय आरती राम तुम्हारी। राम दयालु भक्त हितकारी॥ जनहित प्रगटे हरि व्रतधारी। जन प्रहलाद प्रतिज्ञा पारी॥ द्रुपदसुता को चीर बढ़ायो। गज के काज पयादे धायो॥ दस सिर छेदि बीस भुज तोरे। तैंतीसकोटि देव बंदी छोरे… more →
मंदिरप्रेमलता पांडे wrote 1 month ago: व्रत का अर्थ – कोई प्रण या प्रतिज्ञा लेना है। शपथ के आसपास का ही होता है व्रत। कोई भी व्रत लेन … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 months ago: नहीं पता बाकी लोग क्या कहते हैं पर हमने बचपन से इनका ’समां के चावल’ नाम सुना है। यह केवल नौरात्रि व् … more →
rajneesh wrote 2 years ago: जय जय आरती राम तुम्हारी। राम दयालु भक्त हितकारी॥ जनहित प्रगटे हरि व्रतधारी। जन प्रहलाद प्रतिज्ञा पार … more →
rajneesh wrote 2 years ago: देवराज इंद्र को स्वर्गलोक के सिंहासन पर बैठने का गर्व बहुत आनंदित कर रहा था। एक दिन सिंहासन पर बैठे … more →
rajneesh wrote 2 years ago: कुशीनगर में धनपतराय नाम का एक धनी व्यक्ति रहता था। उसके घर में कोई अभाव नहीं था। धनपतराय का व्यापार … more →
rajneesh wrote 2 years ago: किसी भी माह के शुक्ल पक्ष में अनुराधा नक्षत्र और गुरुवार के योग के दिन इस व्रत की शुरुआत करना चाहिए। … more →
rajneesh wrote 2 years ago: बुध ग्रह के कोप को शांत करने के लिए बुधवार का व्रत किया जाता है। जीवन में सभी तरह के सुख-सम्पत्ति और … more →
rajneesh wrote 2 years ago: आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरवर काँपे। रोग दोष जाके निकट न झाँके॥ … more →
rajneesh wrote 2 years ago: भगवान मंगल और पवनसुत हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए यह व्रत किया जाता है। मंगलवार का व्रत 21 सप्ताह … more →
rajneesh wrote 2 years ago: पृथ्वी पर भ्रमण की इच्छा से भगवान शिव और पार्वतीजी अमरावती नगर में पहुँचे। वन-उपवन और सुंदर भवनों को … more →
rajneesh wrote 2 years ago: अमरपुर नगर में एक धनी व्यापारी रहता था। दूर-दूर तक उसका व्यापार फैला हुआ था। नगर में उस व्यापारी का … more →
rajneesh wrote 2 years ago: जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥ जय॥ श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा … more →
rajneesh wrote 2 years ago: सोमवार के व्रत में भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा की जाती है। इस व्रत को कार्तिक या सावन माह में … more →