कोई तुमसे मुलाक़ात का बहाना ढूँढ़ता है फिर से वही गुज़रा हुआ ज़माना ढूँढ़ता है वह एक पल जो थम के रह गया है कहीं उस पल में बीता हुआ अफ़साना ढूँढ़ता है जिसमें शराब गुलाबी मिला करती थी वहाँ आज अपने माज़ी का व… more →
तख़लीक़-ए-नज़रदीपक भारतदीप wrote 10 months ago: हम कपड़े क्यों पहनते हैं? इसके चार जवाब हो सकते हैं 1.सभी कपड़े पहनकर घूमते हैं। 2.हम बिना कपड़े पहन … more →
दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: पड़ौसन ने कहा उस औरत से ‘तुम्हारा आदमी रात को रोज शराब पीकर आता है पर तुम कुछ नहीं कहती वह आराम से स … more →
दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: पड़ौसन ने कहा उस औरत से ‘तुम्हारा आदमी रात को रोज शराब पीकर आता है पर तुम कुछ नहीं कहती वह आराम से स … more →
दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: पड़ौसन ने कहा उस औरत से ‘तुम्हारा आदमी रात को रोज शराब पीकर आता है पर तुम कुछ नहीं कहती वह आराम से स … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: अंग्रेजी में विभिन्न प्रकार की मदिराओं के अलग अलग नाम हैं जबकि हिन्दी में सामान्यतः सभी प्रकार की मद … more →
विनय wrote 1 year ago: कोई तुमसे मुलाक़ात का बहाना ढूँढ़ता है फिर से वही गुज़रा हुआ ज़माना ढूँढ़ता है वह एक पल जो थम के रह गया … more →
विनय wrote 1 year ago: आदाब तुझे ऐ मेरे वतन लखनऊ आदाब तुझे मेरे जानो-तन लखनऊ है कभी आईना कभी शराब-सा तू है मेरी शोख़ी मेरा … more →