तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें तेरे प्यार का तोहफ़ा हैं, मेरे लिए एक बार तो कुछ कह दे सनम तू एक बार तो हाँ कर दे मुझसे ज़िन्दगी एक झमेला है मेरे लिए तेरी मुस्कुराहटें तेरी सादी अदाएँ तेरे प्यार का तोह… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें तेरे प्यार का तोहफ़ा हैं, मेरे लिए एक बार तो कुछ कह दे सनम तू एक बार … more →