Blogs about: शाम

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हमारे पास और शामें नहीं10 comments

रवि कुमार, रावतभाटा wrote 3 weeks ago: हमारे पास और शामें नहीं (a poem by ravi kumar, rawatbhata) मैंने उससे कहा मुझे तुमसे कुछ कहना है उस … more →

Tags: कविताएं, बोसा

दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते9 comments

विनय wrote 4 months ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाँद, Heart, दिल, ख़ुदा, Separation, तस्व्वुर, मरासिम, आँसू

पूनम थी शाम जिसने देखा मुझे4 comments

विनय wrote 7 months ago: पूनम थी शाम जिसने देखा मुझे मैंने उसकी नज़र को उसने मुझे, और चाँद रातभर रश्क करता रहा! शायिर: विनय प् … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, पूनम, नज़र, Moon

तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं12 comments

विनय wrote 8 months ago: तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें मैं … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Love, time, Reminisce, तन्हाई, प्यार, याद

फिर वही दर्द, वही शाम है14 comments

विनय wrote 8 months ago: फिर वही दर्द, वही शाम है लबों पर फिर तेरा नाम है ज़िन्दा हूँ पर ज़िन्दगी नहीं सीने में साँसों का ताम-झ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, alive, अन्जाम, इम्तिहाँ, इश्क़, ग़ुलाम, जाँ, ताम-झाम, दर्द

यह मुनासिब नहीं मैं भुला दूँ तुझको2 comments

विनय wrote 9 months ago: यह मुनासिब नहीं मैं भुला दूँ तुझको तेरे सिवा कुछ होश नहीं है मुझको ना जाने कितने अजनबी गुज़रे हैं मेर … more →

Tags: मेरा गीत, अजनबी, आँखें, इश्क़, गीली, चेहरे, छुअन, जिस्म, दिल

तू जाके फिर ना आयी5 comments

विनय wrote 10 months ago: तू जाके फिर ना आयी मगर बार-बार आती रही तेरी याद सबने सुनी कहानी मेरी पर ना सुनी गयी मेरी फ़रियाद मैं … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, उजले, कहानी, चेहरा, तलाश, पागलपन, प्यार, फ़रियाद

तआक़ुब3 comments

विनय wrote 11 months ago: बड़ी उम्मीद से मैं चला था तआक़ुब-ए-इश्क़ पर और दीदार उसका मुझको ही घायल कर गया है अब सुबह का चाँद और श … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, उम्मीद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, सूरज, दीदार

मैं ज़हर का असर ढूँढ़ता फिरा

विनय wrote 1 year ago: मैं ज़हर का असर ढूँढ़ता फिरा वह शामो-सहर ढूँढ़ता फिरा जिस बाज़ार में ग़म बिकते हों उसे दिनो-दोपहर ढूँढ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, बाज़ार, असर

क्या वह तुम थे

विनय wrote 1 year ago: क्या वह तुम थे जो आँखों को महका गये तमन्ना दबी-सी मेरे दिल में सुलगा गये मैं कितना तन्हा फिर रहा था … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, इश्क़, NEED, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत

यह कैसा लम्हा है3 comments

विनय wrote 1 year ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पलकों में क़ैद है दिल के पास है क्या देखूँ तेरे सिवा क्या चाहूँ … more →

Tags: मेरा गीत, ज़िन्दगी, महसूस, इश्क़, दर्द, Heart, Love, Reminisce, Moment

अश्को-अक्स चश्म में नहीं है

विनय wrote 1 year ago: जितनी मै उन आँखों में थी उतनी और कहाँ जितना सुरूर उन आँखों में था उतना और कहाँ रोज़ शाम दरवाज़े पे बैठ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Love, eyes, haze, प्यार, दरवाज़ा, मोहब्बत, क़दम

तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे2 comments

विनय wrote 1 year ago: तन्हाई यूँ ढूँढ़ती है मुझे जैसे मेरी सदा तुम्हें जो दीवारें ख़ुद-ब-ख़ुद गिरती हैं मैं कैसे चुनावाऊँ … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, दर्द, Love, Reminisce, तन्हाई, प्यार, याद, मोहब्बत

कभी तुम घर आओ ना

विनय wrote 1 year ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हमें यह वादा दे दो आओ तो फिर जाओ ना अपनी हँसी से यह घर सजा दो … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, light, Flower, मौसम, दिल, प्यार

ना जीने को जी करता है

विनय wrote 1 year ago: ना   जीने   को   जी  करता  है ना   मरने   को  जी करता है तू   नहीं   है   जो   साथ   मेरे साथ रहने क … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, दर्द, Love, light, तन्हाई, प्यार, मोहब्बत, Pain

जब कभी वह शाम 1 comment

विनय wrote 1 year ago: जब कभी वह शाम मुझे याद आयी मेरी जाने-बहाराँ तू बहुत याद आयी माना आज शाम का वह रंग नहीं और मेरी जान त … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, रंग, इश्क़, Heart, Love, जुदा, दिल, प्यार

यह शाम की धूप

विनय wrote 1 year ago: कोई हमसायादार पेड़ नहीं मिला ज़हर मिले तो ज़हर भी खा लूँ यह शाम की धूप बहुत कड़ी है… शायिर: विनय … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, धूप, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Life, Evening

वह बारिश की छीटें

विनय wrote 1 year ago: वह बारिश की छीटें वह बारिश की बूँदें फिर याद आने लगीं, ख़ामोशी तेरी आँखों की हलचल तेरे होंटों की फिर … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, बूँदें, ख़ामोशी

शाम खाली है जाम खाली है

Rohit Jain wrote 1 year ago: शाम खाली है जाम खाली है ज़िन्दगी यूँ गुज़रने वाली है सब लूट लिया तुमने जानेजाँ मेरा मैने तन्हाई मगर बच … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Mar 2007, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain


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