Lost your password?

Blogs about: शाहज़हाँपुर

Featured Blog

श्री रामप्रसाद बिस्मिल5 comments

डा. अमर कुमार wrote 3 months ago: अमर शहीद की अँतिम नोट से इस आत्मकथ्य का पटाक्षेप नहीं होता । इसके उपराँत एक लघुखण्ड ’ विशेष परिचय’ क … more →

Tags: 1.श्री रामप्रसाद बिस्, विशेष परिचय, गेंदालाल दीक्षित, पहली डकैती, मैनपुरी षड़यंत्र, श्री रामप्रसाद बिस्

गये थे रोजा छोड़ने नमाज गले पड़ गई ।4 comments

डा. अमर कुमार wrote 5 months ago: अब तक आपने पढ़ा.. “ यह जानते हुए कि अंगेज सरकार कुछ भी न सुनेगी, मैंने सरकार को प्रतिज्ञा पत्र ही क्य … more →

Tags: अंतिम समय की बातें, आत्म-चरित, आत्मकथा, खण्ड-4, अशफ़ाकउल्ला खाँ, आर्डिनेन्स, काकोरी षड़यन्त्र, खुफ़िया पुलिस, प्रतिज्ञापत्र

संसार अन्धकारमय दिखाई देता था3 comments

डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: राजकीय घोषणा के पश्चात जब मैं शाहजहाँपुर आया तो शहर की अदभुत दशा देखी । कोई पास तक खड़े होने का साहस … more →

Tags: सरफ़रोशी की तमन्ना, आत्म-चरित, खण्ड-3, आत्मकथा, अंगरेजी, प्रतिज्ञा, पुस्तक, तृतीय खण्ड, 500 रूपये

प्रतिज्ञा, पलायनावस्था व शाहजहांपुर4 comments

डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: अब हमलोग पिछली कड़ी  से आगे  बढ़ते हैं.. इन्हीं विचारों में निमग्न यमुना तट पर बड़ी देर तक घूमता रहा। ध … more →

Tags: काकोरी षड़यंत्र, आत्म-चरित, खण्ड-2, आत्मकथा, रिवाल्वर, सहायक, प्रतिज्ञा, द्वितीय खण्ड, प्रयाग

मैनपुरी षड़यन्त्र और विश्वासघात4 comments

डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: हथियारों की खरीद के आगे पढ़ें… इधर तो हम लोग अपने कार्य में व्यस्त थे, उधर मैनपुरी के एक सदस्य पर लीड … more →

Tags: आत्म-चरित, खण्ड-2, आत्मकथा, आर्यसमाज, रिवाल्वर, द्वितीय खण्ड, माउज़र पिस्तौल, मैनपुरी षड़यंत्र, पृथक संगठन

स्वदेशप्रेम और क्रांतिकारी आन्दोलन4 comments

डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: पूज्यपाद श्री स्वामी सोमदेव का देहान्त हो जाने के पश्चात जब से अंगे्रजी के नवे दर्जे में आया कुछ स्व … more →

Tags: आत्म-चरित, खण्ड-2, आत्मकथा, ग्वालियर, क्रांतिकारी जीवन, द्वितीय खण्ड, स्वदेशप्रेम, आन्दोलन, लोकमान्य तिलक

जन्म जन्मान्तर परमात्मा ऐसी माता दें3 comments

डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अबतक आपने पढ़ा.. वकील साहब ने बहुत कुछ समझाया कि एक सौ रूपये से अधिक का दावा है, यह मुकद्दमा खारिज हो … more →

Tags: आत्म-चरित, खण्ड-1, आत्मकथा, विवाह, ग्वालियर, नागरी अक्षर, रिवाल्वर, टोपीदार, दण्ड

अस्त्र-शस्त्र से परिचय और सत्य की राह2 comments

डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अबतक आपने पढ़ा… एक रात एक दिन किसी ने भोजन नहीं किया, सब बड़े दुखी हुए कि अकेला पुत्र न जाने नदी में ड … more →

Tags: आत्म-चरित, खण्ड-1, आत्मकथा, स्वामी सोमदेव सरस्व, पथप्रदर्शक, भाषण, कुमार सभा, भारतवर्षीय कुमार सम, अस्त्र-शस्त्र

प्रवास और दुर्दिन1 comment

डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: प्रवासकथा तोमरघर में चम्बल नदी के किनारे पर जो ग्राम आबाद है जो ग्वालियर राज्य में बहुत ही प्रसिद्ध … more →

Tags: आत्म-चरित, खण्ड-1, आत्मकथा, ग्वालियर राज्य, चम्बल, बथुआ चना, जौ की रोटी, मालगुज़ारी, दुर्भिक्ष

अरे, एक दिन तो और रह लेने दो2 comments

डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा … श्री ज्याति्शंकर दीक्षित बड़े खु्शदिल आदमी है । जेल कर्मचारी तो इनकी खुशहाली देख कर … more →

Tags: सरफ़रोशी की तमन्ना, संक्षिप्त विवरण, काकोरी षड़यंत्र, काकोरी के शहीद, आत्मकथा, पं जगतनारायण मुल्ला, चन्द्रशेखर 'आज़ाद', सेठ दमोदर स्वरूप, सहारनपुर


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS