ए जालिम वफा न सही बेवफाई तो निभा पिला दे जहर मगर प्यार से पिला। साथ ताउम्र न दो तो कोइ शिकवा नहीं पर जो वादे किये थे वो तो निभा। … more →
आंसू ही है जो जीने की ललक देते हैंsushilgirdher wrote 9 months ago: ए जालिम वफा न सही बेवफाई तो निभा पिला दे जहर मगर प्यार से पिला। साथ ताउम्र न दो तो कोइ शिकवा नहीं प … more →
sushilgirdher wrote 10 months ago: तेरी यादों को समेटकर रखें भी तो कहां दामन तो पहले ही शिकवों से भरा है। … more →
विनय wrote 1 year ago: ऐ दिल वहाँ चल जहाँ रहते हैं वह उनके बिना कितने पल गुज़ारे हैं खोये-खोये सारे वह बीते नज़ारें हैं हाथों … more →