भारत मे सार्वजनिक वित्त पर चलने वाली शिक्षण सँसथाएं व खुला सोर्स कोड / लाइनक्स उबुँटू शिक्षा – किसकी जिम्मेदारी ?… more →
Ubuntu Kanpur Lucknowयोगेन्द्र जोशी wrote 4 days ago: अपने देश, इंडिया दैट इज भारत, (and ironically India is actually not Bharat) की भेदभावपूर्ण तथा दोहरी … more →
Hemant Patel wrote 3 weeks ago: इंडिया और चाइना मे कम से कम एक सम्स्या तो आम हॆ – ग्रामीण और शहरी जीवन की असमानता. इसकी एक बेहतरीन झ … more →
अफ़लातून wrote 2 months ago: शिक्षक दिवस, 5 सितंबर के अवसर पर भारतीय संस्कृति में गुरु को बहुत सम्मान की दृष्टि से देखा गया है, उ … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: नींद से जागो सूली चढ़कर शहीद भगत ने दुनिया को ललकारा है, नींद से जागो ऐ मज़लूमों सारा देश तुम्हारा ह … more →
Nishant wrote 7 months ago: छः साल के बालक अल्बर्ट आइंस्टाइन को जर्मनी के म्यूनिख शहर के सबसे अच्छे स्कूल में भरती किया गया। इन … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: सच बात तो यह है कि दुनियां विश्वास के आधार पर तीन भागों में बंटी हुई हैं-आस्तिक,नास्तिक और स्वास्तिक … more →
Nishant wrote 8 months ago: बहुत साल पहले विश्वप्रसिद्ध जॉन्स होपकिंस यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों ने वरिष्ठ विद्यार्थियों को यह प् … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: ट्रेनों और स्टेशनों को चमकदार बनाए रखने वाले १४०० सफाई कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी तक नहीं, ठेकेदरों … more →
डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: अबतक आपने पढ़ा … औ्षधि तीन प्रकार की होती है 1- दैविक, 2- मानुषिक, 3- पैशाचिक । पैशाचिक औषधियों … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 12 months ago: लाल सवेरे का मुंह चूमो शिक्षा हर इन्सान की बुनियादी जरूरत है, चाहे वह मजदूर हो या किसान. सरकार कहती … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: दो दशक से अधिक का समय बीत चुका है जब मुझे इस बात का एहसास पहली बार हुआ कि अपनी मौलिक भाषाओं के प्रति … more →
माधव त्रिपाठी wrote 1 year ago: कल ५ सितम्बर था, शिक्षक दिवस था आज भी शिक्षको को उतना ही महत्व दिया जाता है लेकिन अब आज के शिक्षक न … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जाति, धर्म, भाषा और वर्ण के आधार पर हमारे देश में अनेक वर्षों से संगठित समाज चले आ रहे हैं और इसकी आ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वृंदावन की यात्रा कर हम दोनों पति-पत्नी दोनों ही खुश होते हैं। इस बार जब हम दोनों वहां पहुंचे तो बरस … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: पार्क में घूमती हुई लड़कियों को उस लड़के ने छेड़ा ‘हम तुम इक कमरे में बंद हों और शेर आ जाये उससे कहू … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: समाज के नाम पर सभी पुरानें रीतिरिवाजों को लोग इसलिये अपनाये हुए है कि उसमे अगर उनका कभी खर्च होता है … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अब मैं कैसे लिख रहा हूं या पहले कैसे लिखता था उसके अच्छे-बुरे को निर्णय करने का जिम्मा तो मैं कभी भी … more →
oskanpur wrote 1 year ago: भारत मे सार्वजनिक वित्त पर चलने वाली शिक्षण सँसथाएं व खुला सोर्स कोड / लाइनक्स उबुँटू शिक्षा – … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: फल कारण सेवा करे, करे न मन से काम कहैं कबीर सेवक नहीं, कहैं चौगुना दाम संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते ह … more →