एकालाप क्या नष्ट किया जा रहा है यह दृश्य है जो खत्म हो रहा है या मेरी नज़र ये मेरी आवाज़ खत्म हो रही है या गूंज पैदा करने वाले दबाव आत्मजगत मिट रहा है या वस्तुजगत कौन देख सकता है भला इस मक्खी की भ… more →
अनहद नादPRIYANKAR wrote 1 year ago: एकालाप क्या नष्ट किया जा रहा है यह दृश्य है जो खत्म हो रहा है या मेरी नज़र ये मेरी आवाज़ खत्म हो रही … more →
PRIYANKAR wrote 2 years ago: शुभा की एक कविता बूढी औरत का एकांत बूढी औरत को पानी भी रेत की तरह दिखाई देता है कभी-कभी वह ठंड … more →