Blogs about: शेर

Featured Blog

जो सभी को पसंद हो वही कहो -हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 13 hours ago: प्रवचन करते समय गुरुजी ने भक्तों को समझाया। ‘‘भ्रष्टाचार करना होता बहुत बड़ा शाप दहेज समाज के लिये ह … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, लघुकथा, व्यंग्य, व्यंग्य कविता, हास्य व्यंग्य, हिन्दी

समाज और खानदान की छबि -दो व्यंग्य क्षणिकायें

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: जिन कहानियों में हर पल क्लेशी पात्र सजाये जाते उसी पर बने नाटक सामाजिक श्रेणी के कहलाते सच है समाज … more →

Tags: अभिव्यक्ति, क्षणिका, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य, व्यंग्य कविता, हास्य व्यंग्य, हिन्दी

तंबू फिर तनेगा-त्रिपदम

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: क्यों डरे हो काफिला लुट गया फिर बनेगा। यह तूफान उड़ा ले गया तंबू फिर तनेगा। हार या जीत का चक्र चलता ह … more →

Tags: इंटरनेट, मस्त राम, शायरी, हास्य, हिन्दी, darshan, Deepak bharatdeep, mast ram, web bhaskar

बिना मेकअप के अभिनय-हास्य व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: फिल्म का नाम था ‘नौकरानी ने बनी रानी’ जोरदार थी कहानी। निर्देशक ने अभिनेत्री से कहा ‘आधी फिल्म में म … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कला, कविता, क्षणिका, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य, हास्य व्यंग्य

बीच बाज़ार में-हिन्दी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सूरत देखकर ही लोग सिर पर ताज पहनाते हैं किसकी सीरत कौन देखेगा अपने काम पर लोग खुद ही शर्माते हैं. कह … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, मातृभाषा, व्यंग्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

परीक्षा परिणाम-हास्य व्यंग्य कविता 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: उतरा मूंह लेकर फंदेबाज घर आया और बोला- ‘दीपक बापू, बड़ा बुरा दिन आया हाईस्कूल के इम्तहान में मोहल्ले … more →

Tags: दीपक भारतदीप, समाज, हिन्दी, Family, Friends, hasya kavita, hasya vyang, Hindi writing, India

मुस्कराहट का मुखौटा-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: बेकद्रों की महफिल में मत जाना बहस के नाम पर वहां बस कोहराम मचेगा पर कौन, किसकी कद्र करेगा। मुस्करा … more →

Tags: समाज, हास्य कविता, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Blogroll, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika

इन्सान जमीन पर कटते रहे-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: लुटता रहा पूरा शहर मगर लोग देखते रहे। ‘खराब ज़माना आ गया है’ एक दूसरे से बस यही कहते रहे। ‘बचाने के ल … more →

Tags: कविता, नज़रिया, शायरी, व्यंग्य, भारत, Education, Internet, शब्द, web duniya

गुलामी जैसी आज़ादी-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नजरें फेरकर वह चले जाते हैं। देखने में लगते हैं हमसे बेपरवाह पर हकीकत यह है कि हमारी आंखों में उनको … more →

Tags: hasya -vyangya, writer, hindi article, Hindi writing, vyangya kavita, Friends, Family, समाज, India

कोशिश – राहुल कात्यायन1 comment

Rahul Katyayan wrote 1 month ago: बरसों से बिना बात जिससे रूठा रहा, उस मुस्कराहट को खींच कर होठों पे लाने की ये कोशिश है सम्मान मैं इत … more →

Tags: Animation, Bollywood, India, Movies, rahulkatyayan, Story, Actor, कविता, शायरी

कोशिश – राहुल कात्यायन1 comment

Rahul Katyayan wrote 1 month ago: बरसों से बिना बात जिससे रूठा रहा, उस मुस्कराहट को खींच कर होठों पे लाने की ये कोशिश है सम्मान मैं इत … more →

Tags: Animation, Bollywood, India, Movies, rahulkatyayan, Story, Actor, कविता, शायरी

छिपा हुआ सत्य - राहुल कात्यायन 8 comments

Rahul Katyayan wrote 2 months ago: दोस्तों, मैं एक पेड हूँ.  नीम का एक विशाल पेड़.  कई साल से यहाँ खडा रहने के बावजूद एक लम्बा सफर   तय … more →

Tags: hindi, Story, Animation, कविता, शायरी, हिंदी, Blog, blogvani, Culture


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “शेर”:
Technorati Del.icio.us IceRocket