Lost your password?

Blogs about: शोषण उत्पीड़न

Featured Blog

चीनी विशेषता वाले ''समाजवाद'' में मज़दूरों के स्वास्थ्य की दुर्गति

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: इस साईट पर फ़िलहाल नया प्रकाशन बंद कर दिया गया है क्योंकि ‘नई समाजवादी क्रांति का उद्घोषक … more →

Tags: आंदोलन, क्रांति, बिगुल, मजदूर, मध्यवर्ग का ऊपरी तबक, श्रमशक्ति, समाजवाद, सर्वहारा, नवउदारवादी दौर

मई 1886 का वह रक्तरंजित दिन1 comment

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: मई 1886 का वह रक्तरंजित दिन जब मज़दूरों के बहते ख़ून से जन्मा लाल झण्डा मज़दूरों का त्योहार मई दिवस आठ … more →

Tags: आह्वान, कम्युनिस्ट, बिगुल, मजदूर, श्रमशक्ति, संघर्ष, सर्वहारा, पूँजीपति वर्ग के वफा, मई दिवस

मेट्रो कर्मचारियों का आन्दोलन

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: दमन-उत्पीड़न से नहीं कुचला जा सकता मेट्रो कर्मचारियों का आन्दोलन दिल्ली मेट्रो की ट्रेनें, मॉल और दफ् … more →

Tags: आंदोलन, चर्चा है कि, बिगुल, मजदूर, श्रमशक्ति, संघर्ष, सर्वहारा, बेरोजगारी, मजदूरों का जीवन

बच्चों के खून-पसीने से बन रही है बेंगलोर मेट्रो3 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: बिगुल संवाददाता कारपोरेट जगत में हमेशा ही मजदूरों का मनमाना शोषण होता रहा है लेकिन अब सरकारी उपक्रम … more →

Tags: अनुराग, चर्चा है कि, बिगुल, मजदूर, ललकार, श्रमशक्ति, सर्वहारा, इमेजनिंग इण्डिया, बाल श्रम

चुनावी नौटंकी का पटाक्षेप: अब सत्ता की कुत्ताघसीटी शुरू

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: जनता को सिर्फ यह तय करना है कि वह इसे कितना और बर्दाश्त करेगी! बिगुल डेस्क करीब डेढ़ महीने तक चली देश … more →

Tags: आह्वान, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, बिगुल, मजदूर, मध्यवर्ग का ऊपरी तबक, चुनाव

नींद से जागो

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: नींद से जागो सूली चढ़कर शहीद भगत ने दुनिया को ललकारा है, नींद से जागो ऐ मज़लूमों सारा देश तुम्हारा ह … more →

Tags: आह्वान, क्रांति, भगत सिंह, मजदूर, ललकार, समाजवाद, सर्वहारा, हिन्दी साहित्य, शिक्षा

मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है! ...दूसरी किश्त

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: इस पोस्ट की प्रथम किश्त ..मई दिवस अनुष्ठान नहीं, संकल्पों को फौलादी बनाने का दिन है! आम मज़दूर साथिय … more →

Tags: आंदोलन, कम्युनिस्ट, क्रांति, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, बिगुल, मजदूर, मार्क्सवाद, समाजवाद

लुटेरी पूँजीवादी व्यवस्था के खिलाफ़ लम्बी लड़ाई की तैयारी में जुट जाओ!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: जंगल की आग की तरह फैलती विश्वव्यापी आर्थिक मन्दी करोड़ों मेहनतकशों के रोज़गार निगल चुकी है पूँजीवाद क … more →

Tags: आंदोलन, आह्वान, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, सर्वहारा, खाद्य संकट, पूंजीवादी संकट, मध्यवर्ग का ऊपरी तबक

कम्युनिस्ट समाज के बारे में कुछ बातें

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: फ्रेडरिक एंगेल्स का 8 फरवरी, 1845 को एल्बरफील्ड में दिया गया भाषण ( वैज्ञानिक समाजवाद के आविष्कारक क … more →

Tags: कम्युनिस्ट, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, समाजवाद, पूंजीवादी संकट, श्रमशक्ति, उत्पादक शक्तियां, उत्पादन सम्बन्ध

नन्दन नीलेकणी की किताब के बहाने एक बार फिर उजागर हुई पूँजीपतियों की सोच

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: पूँजीपति के लिए मज़दूर सिर्फ मुनाफा पैदा करने का एक साधन है! भारत सिर्फ अपने विशाल बाजार की वजह से ह … more →

Tags: पुस्तकें, मार्क्सवाद, सर्वहारा, पूंजीवादी संकट, मध्यवर्ग का ऊपरी तबक, मजदूरों का जीवन, वर्ग दृष्टिकोण, पूँजी का तर्क, सस्ती श्रमशक्ति


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS