सुबह सुबह कुछ ख़याल आये ज़हन में तो लब्ज़ों ने ढ़ाल दिये…. ग़ज़ल लिखने की कोशिश की किंतु अधिक समय नहीं दे पाया इसलिये काफी unmetered है….. माफ़ीगुज़ार हूँ इसके लिये…. उन्हे पर कतरने का शौक़… more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 1 year ago: सुबह सुबह कुछ ख़याल आये ज़हन में तो लब्ज़ों ने ढ़ाल दिये…. ग़ज़ल लिखने की कोशिश की किंतु अधिक समय नह … more →
विनय wrote 1 year ago: कोई आता है ज़िन्दगी में, जैसे रोशनी जज़्बों का शौक़ के बाद क्यों कुछ कमी उसकी आँखें हमने देखी हैं नीली- … more →
विनय wrote 1 year ago: तन्हाई में गोता लगाना मेरा एक शौक़ है ज़िन्दगी को दो राहों से देखना मेरा एक शौक़ है मंज़ूर है जो मुझको व … more →