Why INDIA is in trouble….. ……… …….. ….. Population: 114 cro 11 crore retired 30 crore in state Govt; 17 crore in central Govt. (Both categor… more →
सोनी जोक्सजगदीश भाटिया wrote 6 days ago: कई दिनों से इसके बारे में लिखने की सोच रहा था मगर आज जब मनीष भाई ने लिखा कि “ क्यूँ हमार … more →
pryas wrote 5 months ago: पुराने जमाने की बात है। एक सम्राट गहरी चिंता में डूबा रहता। कहने को तो वह शासक था पर वह अपने को अशक् … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: अपने वाद्ययंत्रों के साथ सजधजकर वह घर से बाहर निकला और अपनी मां से बोला-‘‘मां, आशीर्वाद दो जंग पर जा … more →
हिन्दुस्तानी एकेडेमी wrote 9 months ago: आमन्त्रण-पत्र मित्रों, चाहता तो था कि यह आमन्त्रण पत्र ही सीधे आपको पढ़ा दूँ, लेकिन शायद इसके लिए लेन … more →
Rakesh wrote 10 months ago: Why INDIA is in trouble….. ……… …….. ….. Population: … more →
Dr Prabhat Tandon wrote 10 months ago: हंगरी के इन्संटीटूयट आफ़ बिहेवेरियल सांइस , बुडापोस्ट के शोधकर्ताओं ने यह पाया कि संगीत अनिद्रा के … more →
Amit wrote 1 year ago: पिछला जो गाना अपने मोबाइल की रिंग बैक टोन/कॉलर ट्यून के रूप में सैट किया था वो माता जी को पसंद नहीं … more →
Amit wrote 1 year ago: कल रात यूँ ही एमटीएनएल (MTNL) प्लेट्यून वेबसाइट देख रहा था कि कोई ढंग का गाना वहाँ आ गया हो तो उसको … more →
Rakesh wrote 1 year ago: बातें करके रुला ना दीजिएगा… यू चुप रहके सज़ा ना दीजिएगा… ना दे सके ख़ुशी, तो ग़म ही सही … more →
Rakesh wrote 1 year ago: अगर आप को अपने ऑंखें पर ज्यादा यकीन हो तो आप १ बार इस तस्वीर के बीच के पॉइंट को ध्यान से देखें | … more →
Rakesh wrote 1 year ago: आज भी पलक जब झपके आए सामने तेरा चेहरा तुम क्या गई हो ज़िंदगी से हो गया हूँ और भी तनहा तुम्हारी वो हँ … more →
Rakesh wrote 1 year ago: मुद्दत हो गयी उन तनहाइयों को गुजरे , आज भी इन आँखों में वो खामोशियाँ क्यों है चुन चुन कर जिसकी यादो … more →
Rakesh wrote 1 year ago: यह आदर्श वाक्य ठीक भी हो सकता है कि आदमी को ठोंक-ठांक कर ठीक-ठाक बनाने में इसी धरती के महापुरूषों क … more →
Rakesh wrote 1 year ago: मैं तुमसे बहूऊऊऊऊऊऊत् प्यार करती हूँ . मैं कुछ भी नहीं तुम्हारे बिना ! मुझमे क्या कमी है की वो प्या … more →
Rakesh wrote 1 year ago: अलबामा में 53 साल पहले पैदा हुई थी, इसी माह की किसी तारीख को। उत्तरी अमेरिका के इस हिस्से में आज भी … more →
Amit wrote 1 year ago: पिछले सप्ताहांत, 29 और 30 सितंबर 2007, पर दिल्ली पर्यटन विभाग ने पंद्रहवें वार्षिक कुतुब उत्सव का आय … more →
जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: गुलजार साहब जब गीत लिखते हैं तो कई बार बोल पकड़ में नहीं आते। खास कर जब संगीत ए आर रहमान या शंकर एहसा … more →
Amit wrote 2 years ago: लगभग एक माह पहले मेरे इनबॉक्स में एक विज्ञापन वाली ईमेल आई। अब वैसे तो रोज़ ही कई सौ आती हैं लेकिन यह … more →
जगदीश भाटिया wrote 2 years ago: ओ पी नैय्यर एकदम अलग प्रकार का संगीत देते थे। उनके गीत सुनते ही पहचान में आ जाता था कि यह ओ पी नैय् … more →