गारी ही सो उपजे, कष्ट और भीच हारी चले सो साधू हैं, लागि चले सो नीच संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं की गाली से कलह और दु:ख तथा मृत्यु पैदा होती हैं जो गाली सुनकर हार मानकर चला जाये वही साधू मतलब सज्जन … more →
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 2 years ago: गारी ही सो उपजे, कष्ट और भीच हारी चले सो साधू हैं, लागि चले सो नीच संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं क … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जैसा भोजन खाइये, तैसा ही मन होय जैसा पानी पीजिये, तैसी वाणी होय संत शिरोमणि कबीरदास कहते हैं कि जैसा … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: स्वारथ सूका लाकडा, छाँह बिहूना सूल पीपल परमारथ भजो, सुख सागर को मूल संत शिरोमणि कबीरदास कहते हैं कि … more →