एक संत किसी गांव में पहुंचे। गांव के लोगों के आग्रह पर वह वहीं एक कुटिया बनाकर रहने लगे। उनका खाना जमींदार के घर से आता था। एक दिन जमींदार की पत्नी ने उन्हें अपने घर ठहरने को कहा। शाम को संत हवेली पहु… more →
यह भी खूब रहीदीपक भारतदीप wrote 5 months ago: प्रवचन करते समय गुरुजी ने भक्तों को समझाया। ‘‘भ्रष्टाचार करना होता बहुत बड़ा शाप दहेज समाज के लिये है … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: वह शिक्षित बेरोजगार युवक संत के यहां प्रतिदिन जाता था। उसने देखा कि उनके आशीर्वाद से अनेक लोगों की म … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: उनके चेहरे पर बटन की तरह टंगी आंखें कपड़े और किताबों के पिंजर से बाहर झांकती दिखती है। ऐसा लगता है कि … more →
sareetha wrote 9 months ago: लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर राम मुद्दे को हवा दी है | नागपुर में राष्ट्री … more →
pryas wrote 10 months ago: एक संत किसी गांव में पहुंचे। गांव के लोगों के आग्रह पर वह वहीं एक कुटिया बनाकर रहने लगे। उनका खाना ज … more →
pryas wrote 1 year ago: एक संत ने एक रात स्वप्न देखा कि उनके पास एक देवदूत आया है। देवदूत के हाथ में एक सूची है। उसने कहा, … more →
jeetbhargava wrote 1 year ago: मीडिया को नहीं दोष गुसाईं !! लगता है हमारे तथाकथित सेकुलर टीवी और अंग्रेजी मीडिया ने हिन्दू संतों को … more →
pryas wrote 1 year ago: एक बार संत राबिया एक धार्मिक पुस्तक पढ़ रही थीं। पुस्तक में एक जगह लिखा था, शैतान से घृणा करो, प्रेम … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: कबीर क्षुधा कूकरी, करत भजन में भंग वाकूं टुकडा डारि के, सुमिरन करूं सुरंग संत शिरोमणि कबीरदास जीं कह … more →