चैत्र मास संवत्सर परिवा बरस प्रवेस भयो है आज। कुंज महल बैठे पिय प्यारी लालन पहरे नौतन साज॥२॥ आपुही कुसुम हार गुहि लीने क्रीडा करत लाल मन भावत। बीरी देत दास परमानंद हरखि निरखि जस गावत॥३॥… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 1 year ago: चैत्र मास संवत्सर परिवा बरस प्रवेस भयो है आज। कुंज महल बैठे पिय प्यारी लालन पहरे नौतन साज॥२॥ आपुही क … more →