दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: शोर कर रही भीड़ में शांति कराने के लिये बहुत तेज आवाज में शोर मचाओगे तो तुम भी शांति के मसीहा हो जाओग … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जब अपने किसी लक्ष्य या उद्देश्य का पता हो और उसी मार्ग पर हमारे कदम बढ़ रहे हों तो किसी के कहने पर आ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जहां तक मेरी जानकारी है खबर में यही था कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद उम्मीदवार ओबामा अपनी जेब में रखन … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जिनको देखने के लिय मचलता है मन अगर वह पास आते हैं तो हो जाता है अमन बातें होतीं हैं प्यारी कभी होती … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मन के समंदर में उठती लहरें कई नाम है जो नाव की तरह लहराते निकल जाते हैं जिसका किनारा आ गया वह साथ छो … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बहुत सरल भाव रखने पर लोग सीदा-सादा समझकर अपमान करने लगते हैं। अगर मान का मोह छोड़कर किसी के अभियान म … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अंतर्र्जाल पर मैं लिखता हूं इसका अर्थ यह कदापि नहीं लिया जाना चाहिए कि मै किसी उच्च मध्यम परिवार से … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आचार्य चाणक्य ने कहा है कि स्त्री को दीपक की तरह आवरण में रखना चाहिए। इसका आशय यह है कि पुरुष पर यह … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: नाम दोस्तों के होते हैं और वह पहचान लिए जाते हैं इसलिए जब वह किसी को निपटाना चाहते हैं तो उसकी कमिया … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हमारे दर्शन के अनुसार मनुष्य योनि बहुत पुण्य करने पर मिलती है और अगर कोई इस योनि में दान-पुण्य और धर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: चिल्ला-चिल्लाकर करते हैं प्रेम मजे के लिए चाहिए जैसे गेम आखों में बसाए रहते हैं पाश्चात्य सभ्यता वाल … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: लोगों का समूह एकत्रिक कर उसमें फूँकने के लिए जजबात उनका सन्देश है ”तू उधर से इधर आया है तो इधर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: काला बाजार में अब कुछ नहीं दिखता सारा काला माल खुले बाजार में बिकता काला पैसा अब कोई सम्मान की बात न … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.जिसके मन में पाप है, वह सौ बार तीर्थ स्नान करने के बाद भी पवित्र नहीं हो सकता, जिस प्रकार मदिरा का … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जो सच से लड़ना जानते हैं कोई उनको सपने बेच नहीं सकता जज्बातों के व्यापारी जो बेचते हैं उनको कोई गरीब … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: गरीब किसान अपने खेत में हल जोत रहा था. उसी समय एक खूबसूरत चेहरे वाला सूट-बूट पहने एक शख्स उसके सामने … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: रतन-रतन कर सब उसे लेने एक बाग़ की तरह भागे जा रहे थे कहीं लगी दो ब्लोगरों को यह खबर अपने स्थाई टिप्प … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: 1.विशेष ज्ञान से संपन्न सत्त्वगुण और दैव की अनुकूलता लिए उधोग और सत असत का विचार का शत्रु पर उपाय का … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: पति पत्नी का बैंक में संयुक्त खाता था. पत्नी को रोज सुबह टीवी पर आने वाले ज्योतिष कार्यक्रम में बहुत … more →