Blogs about: संस्कार

जैसी दी शिक्षा वैसा ही शिष्य पाया-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: गुरू चेले थे बरसों से साथ पर उस दिन गुर … more »

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, मस्तराम, व्यंग्य, शेर, समाज, साहित्य, हास्य कविता

मोबाइल मोहब्बत हो गई-हास्य कविता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: प्रेमी ने प्रेमिका के मोबाइल की घंटी ब … more »

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, कविता, क्रिकेट, मस्तराम, व्यंग्य, शायरी, शेर

पटकथा लिखने वाले ने कमाल किया-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: बगल में अखबार दबाकर घर आया फंदेबाज और … more »

Tags: arebic, Art, अनुभूति, कला, क्षणिका, दीपक भारतदीप, भारत, मस्तराम, व्यंग्य

चाणक्य नीतिःधन कमाने वाले धर्म की स्थापना नहीं कर सकते

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: अर्थाधीतांश्च  यैवे ये शुद्रान्नभोज … more »

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, मस्तराम, विकिपीडिया, समाज, साहित्य, Blogging

विदुर नीति:शरीर रथ, इन्द्रियां घोडे और बुद्धि होती है सारथि

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: 1. मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथि और … more »

Tags: arebic, Art, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, चिन्तन, दीपक भारतदीप, भाषा

बंधे सबके अपनी मजबूरी से हाथ-हिन्दी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: यूं दर्द बांटने चले थे जमाने के साथ शा … more »

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, कविता, व्यंग्य, शायरी, समाज, साहित्य, हास्य

देश के सभी भाषियों में प्रिय है अध्यात्मिक विषय 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हिंदी भाषा के कई मशहूर लेखक हुए हैं पर … more »

Tags: संपादकीय, भारत, bharat, चिन्तन, साहित्य, media, Education, Bloging, Blogger

एक ढूंढो हजार मूर्ख मिलते हैं-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कल बिहार में एक स्थान पर एक महिला को ज … more »

Tags: Blogroll, Hindi friends, hindi journlism, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi megzine, Deepak bharatdeep

होली के दिन सबका चरित्र बदल जाता है-हास्य कविता 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: घर से नेकर और कैप पहनकर निकले घर से बाह … more »

Tags: Blogroll, hindi kahani, Hindi Poem, hindi natak, hindi kavita, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi megzine

अपना तनाव और थकावट बढाते हैं खुद लोग-आलेख 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हमारे दर्शन के अनुसार मनुष्य योनि बहु … more »

Tags: Blogroll, glogbal dashborad, अभिव्यक्ति, संपादकीय, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, bharat, संवेदना, चिन्तन

मनुस्मृति:बिना मांगे मिल जाये उसे अमृत समझें

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: १.इन्द्रियों के विषयों-रूप, रस, गंध, शब् … more »

Tags: Blogroll, writing, Global Dashboard, Thought, inglish, संपादकीय, आस्था, आध्यात्म, चिन्तन

संत कबीर वाणी:सेवा के बदले दाम मांगे वह सेवक नहीं 1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: फल कारण सेवा करे, करे न मन से काम कहैं क … more »

Tags: Blogroll, धर्म, आध्यात्म, भारत, आलेख, साहित्य, हिंदी साहित्य, aducation, arebic

रहीम के दोहे:कलारी वाले के हाथ में दूध भी मदिरा लगता है2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: रहिमन नीचन संग बसि, लगत कलंक न काहि दूध … more »

Tags: Blogroll, hindi journlism, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep

आदमी के प्रवास और अप्रवास को कौन रोक सकता है-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: जब में कहीं किसी जगह किसी ऐसे विवाद के … more »

Tags: Blogroll, Global Dashboard, अभिव्यक्ति, व्यंग्य, चिन्तन, साहित्य, media, Friends, Blogger

अपने मुहँ से अपनी तारीफ़-हास्य व्यंग्य 3 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अब दो फिल्म अभिनेताओं में झगडा शुरू ह … more »

Tags: Blogroll, hindi kahani, Hindi hasya, hindi natak, hindi journlism, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia

कवि मन को कभी नहीं समझ पाओगे-कविता 5 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कवि से उसने कहा ‘तुम कवितायेँ ही लिख … more »

Tags: writing, संपादकीय, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, चिन्तन, साहित्य, हिंदी साहित्य, Urdu, arebic

संत कबीर वाणी:जीभ का रस सर्वोत्तम 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: सहज तराजू आनि के, सब रस देखा तोल सब रस म … more »

Tags: Blogroll, writing, dharam, aastha, sanskrati, भारत, साहित्य, हिंदी साहित्य, edcation

चाणक्य नीति:समय का ख्याल करना पशु-पक्षियों से सीखें

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: 1.जो नीच प्रवृति के लोग दूसरों के दिलों … more »

Tags: Blogroll, Hindi friends, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, hindi bhasakar

चाणक्य नीति:देवता तो बस भावना में बसते हैं

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: 1.जिस प्रकार फूल में गंध, तिल में तेल, लक … more »

Tags: hindi journlism, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, Hindu culture


Have your say. Start a blog.

See our free features »

Related Tags
All »

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “संस्कार”:
Technorati Del.icio.us IceRocket