सखा पलाश संग तुम्हारे बचपन से रिश्ता है ना तुमसे मेरा और मुझसे तुम्हारा नैनिहाल के आँगन में पनपा ये स्नेह प्यारा अजीब सी कशिश,मीठा एहसास साथ तुम्हारा,सबसे न्यारा झुलसाती दोपहर ,गरम हवायें तनमन में जब… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: सखा पलाश संग तुम्हारे बचपन से रिश्ता है ना तुमसे मेरा और मुझसे तुम्हारा नैनिहाल के आँगन में पनपा ये … more →