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Blogs about: सच

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तुम 6 comments

Nidhi KM wrote 1 month ago: तुम बहुत मीठा बोलते हो, हर शब्द को, चाशनी मे घोलते हो, मिशरी की तरह, रस घोलते हो, न कड़वा बोलते हो, … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., कड़वा, तीर, तुम, मीठा, शब्द, हिंदी कविता

मेरा सच4 comments

ktheleo wrote 4 months ago: मै अपने आप से कभी घबराता नहीं, पर खाम्खां सरे आईना यूंहीं जाता नहीं. चापलूसी,बेईमानी,और दगा, ऐसा कोई … more →

Tags: इन्सान, नज़्म, दर्द, हैरान, आईना, इश्क

हम सब के सच्चे दोस्त हैं6 comments

विनय wrote 1 year ago: हम सब के सच्चे दोस्त हैं हर दिल की बात समझते हैं उसकी ख़ुशी को हम अपने ख़ुशी के आँसुओं में रखते हैं … more →

Tags: रुबाइयाँ, ख़ुशी, इश्क़, दोस्त, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत

वक़्त का पहना उतार आये6 comments

विनय wrote 1 year ago: वक़्त का पहना उतार आये कुछ लम्हे मरके गुज़ार आये ख़ाबों में सही अपना तो माना दिल को मेरे अपना तो जाना … more →

Tags: मेरा गीत, ख़ाब, वक़्त, इश्क़, Heart, Love, time, Moment, दिल

हमने तुमको तुमसे चुराया2 comments

विनय wrote 1 year ago: हमने तुमको तुमसे चुराया दिल में अपने तुमको बसाया तुम भी दीवाने हो गये हो दूर जो ख़ुद से हो गये हो आओ … more →

Tags: मेरा गीत, दूर, इश्क़, Heart, Love, क़रीब, दिल, प्यार, मोहब्बत

तुमने हमसे हमको चुराया1 comment

विनय wrote 1 year ago: तुमने हमसे हमको चुराया दिल में अपने हमको बसाया हम कुछ दीवाने हो गये हैं हाँ, दूर ख़ुद से हो गये हैं … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, बादल, मोहब्बत, बाँहें

वफ़ाइयाँ मेरी तुझसे ये वफ़ाइयाँ3 comments

विनय wrote 1 year ago: वफ़ाइयाँ मेरी तुझसे ये वफ़ाइयाँ बेवफ़ाइयाँ मेरी ख़ुद से बेवफ़ाइयाँ अजब कशमकश है तेरे प्यार में जाने क्या … more →

Tags: मेरा गीत, ज़हन, इश्क़, दर्द, तख़लीक़, Heart, Love, haze, Mind

सच से दोस्ती1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हमारे आसपास हर कोई सच की तलाश में जुटा लगता है। महान संत, ज्ञानी पुरुष कहते हैं कि वे सत्य की खोज मे … more →

Tags: उलटवांसी, नवभारत टाइम्स, संजय वर्मा, सच से दोस्ती, महान संत, ज्ञानी पुरुष, सत्य, कड़वा, अशुभ

जैसे-तैसे निभाते हैं

विनय wrote 1 year ago: जैसे-तैसे निभाते हैं प्यार करके पछताते हैं सच्चे-झूठे सपने तेरे रातों की नींदें उड़ाते हैं दो किनारे … more →

Tags: मेरा गीत, उम्मीद, इश्क़, लोग, Love, प्यार, मोहब्बत, रात, सपना

सच शय है वो जिसको कभी बोला नहीं जाता

Rohit Jain wrote 1 year ago: सच शय है वो जिसको कभी बोला नहीं जाता अपनी ही क़ब्र को कभी खोला नहीं जाता क्या रंग सियासत ने दिया है ज … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2007 A Poetic Journey, Oct 2007, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

तुमको न पाया तो खोया भी कुछ नहीं

विनय wrote 1 year ago: तुमको न पाया तो खोया भी कुछ नहीं पत्थर है दिल मेरा नहीं सच नहीं मुझको यक़ीं ख़ुद पे नहीं है सनम दूर र … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Love, आइना, प्यार, मोहब्बत, ख़फ़ा, ख़ुश, सनम

जो होता है भले के लिए होता है

विनय wrote 1 year ago: जो होता है भले के लिए होता है ख़ुद को समझने के लिए होता है इंसान की आदत है बदल जाना कि वह बदलने के ल … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, वक़्त, इश्क़, हिसाब, Love, time, प्यार, आदत

जन्नत में न लगा जी

विनय wrote 1 year ago: जब तक तेरी तमन्ना करेंगे जीते जायेंगे वरगना दम तोड़ देंगे मर जायेंगे तुमने जो कहा तो मर भी जाना है ह … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, चाह, Heart, Love, गुल, दिल, ख़ुशबू, Heaven, तमन्ना


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