डॉ. सुनील जोगी की एक बड़ी लोकप्रिय हास्य- कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ. आनंद लीजिये……….. मुश्किल है अपना मेल प्रिये ये प्यार नहीं है खेल प्रिये तुम एम.ए. फर्स्ट डिवीजन हो मैं हुआ मैट्र… more →
चौपालSatish Chandra satyarthi wrote 5 months ago: डॉ. सुनील जोगी की एक बड़ी लोकप्रिय हास्य- कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ. आनंद लीजिये……… … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 7 months ago: यह कविता बाबा नागार्जुन ने इंदिरा गांधी की हिटलरी नीतियों के विरोध में लिखी थी. क्या हुआ आपको? क्या … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 7 months ago: विज्ञापन सुंदरी रमा लो मांग में सिन्दूरी छलना… फिर बेटी विज्ञापन लेने निकलना… तुम्हारी च … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 10 months ago: [ "अकाल में सारस" कविता संग्रह से ] अब कुछ नहीं था सिर्फ़ हम लौट रहे थे इतने सारे लोग सिर झुकाए हुए … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 1 year ago: मेरे आँगन में, (टीले पर है मेरा घर) दो छोटे-से लड़के आ जाते है अकसर! नंगे तन, गदबदे, साँबले, सहज छबी … more →