Blogs about: सत्संग
धुरविरोधी और आदिविद्रोही-व्यंग्य
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दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: लोकतंत्र में विरोध का बहुत महत्व है, य … more »
सुख अनुभूति की शक्ति भी होना चाहिए-आलेख
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दीपक भारतदीप wrote 6 days ago: सुख सभी चाहते हैं पर क्या उसकी कभी अन … more »
देश के सभी भाषियों में प्रिय है अध्यात्मिक विषय
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हिंदी भाषा के कई मशहूर लेखक हुए हैं पर … more »
मनुस्मृति:राज्य सभी धर्मों के पालन कराने वाला मध्यस्थ
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: १.देश, काल, विद्या एवं अन्यास में लिप्त … more »
चाणक्य नीति:भगवान् की कृपा हो तो तीनों लोक घर समान
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दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: १।किसी भी कार्य करने से पहले यह देखना … more »
रहीम के दोहे:परिश्रम कर भोजन ग्रहण करें
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दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: चाह गयी चिंता मिटी, मनुआ बेपरवाह जिनक … more »
रहीम के दोहे:अपने भक्त पर कृपा करते भगवान्
दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: मन से कहाँ रहीम प्रभु, दृग सो कहाँ दिवा … more »
स्वेट मार्डेन:जीवन में विश्वास ही है यौवन में विश्वास
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: १.जिनका विकास रुक जाता है, जो बढ़ना बंद … more »
संत कबीर वाणी:मूर्ख को समझाना, गाँठ से ज्ञान गंवाना
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: कोयला भी हो उजला, जरि-जरि हैं सेव मूरख ह … more »
रहीम के दोहे:जहाँ उम्मीद हो वहीं जाएं
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: तासौं ही कछु पाइए, कीजै जाकी आस रीते सर … more »
संत कबीर वाणी:भक्ति के बिना उद्धार संभव नहीं
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दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: चाल बकुल की चलत हैं, बहुरि कहावैं हंस त … more »
मनुस्मृति:धर्म के दस लक्षण
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: वेद स्मृति के अनुसार चारों आश्रमों मे … more »
कौटिल्य अर्थशास्त्र:शत्रु पर इन्द्रजाल का भी प्रयोग करें
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: 1.विशेष ज्ञान से संपन्न सत्त्वगुण और द … more »
संत कबीर वाणी:पत्थर को पूजने से क्या लाभ
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पाहन को क्या पुजिये, जो नहिं दे जवाब अं … more »
रहीम के दोहे:बैर,प्रेम और यश कोई साथ लेकर पैदा नहीं होता
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: यह रहीम निज संग लै, जनमत जगत न कोय बैर, प … more »
संत कबीर वाणी:मांस खाने वालों की मुक्ति नहीं
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: तिल भर मछली खायके, कोटि गऊ दे दान कासी क … more »
संत कबीर वाणी:अपनी चित्त वृत्ति को घोड़ी बनाएं
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: घायल की गति और है, औरन की गति और प्रेम ब … more »
संत कबीर वाणी:जो मांगे वह साधू नहीं भांड होता है
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दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: तिल समान तो गाय है, बछड़ा नौ- नौ हाथ मटकी … more »
रहीम के दोहे:दृढ़ चरित्र हो तो कुसंगति भी नहीं बिगाड़ सकती
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जो रहीम उत्तम प्रकृति, का करि सकत कुसं … more »
