विनय wrote 1 year ago: हमने तुमको तुमसे चुराया दिल में अपने तुमको बसाया तुम भी दीवाने हो गये हो दूर जो ख़ुद से हो गये हो आओ … more →
विनय wrote 1 year ago: तुमने हमसे हमको चुराया दिल में अपने हमको बसाया हम कुछ दीवाने हो गये हैं हाँ, दूर ख़ुद से हो गये हैं … more →
विनय wrote 1 year ago: यह कैसा लम्हा है यह कैसा एहसास है तू पलकों में क़ैद है दिल के पास है क्या देखूँ तेरे सिवा क्या चाहूँ … more →
विनय wrote 1 year ago: सुनो ज़रा दिल का तुमसे कुछ कहना है तुम्हारे जैसी लड़की से प्यार करना है हाँ कर दो, तुम मुझसे प्यार कर … more →
विनय wrote 1 year ago: वह मौसम इक बार फिर सजा दे प्यार करने की मुझको सज़ा दे दीवानों की तरह तुझको देखे जाऊँ हाथों की लकीरों … more →
विनय wrote 1 year ago: जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो दिल में आकर बसा था तू वह मीत है साँसों की सरगम बस तुम ही तुम … more →
विनय wrote 1 year ago: तेरी चुप निगाहें व शर्मायी नज़रें तेरे प्यार का तोहफ़ा हैं, मेरे लिए एक बार तो कुछ कह दे सनम तू एक बार … more →
विनय wrote 1 year ago: जब-जब सनम तेरी यादें आती हैं कैसे कहें कितना तन्हा कर जाती हैं रोते हैं सब से छिपकर अँधेरों में ख़ुद … more →
विनय wrote 1 year ago: है दिल मेरा दीवाना तेरा तू शमअ मेरी मैं परवाना तेरा झूमती हवाएँ नशीली फ़िज़ाएँ हाँ यह झूमती हवाएँ और य … more →
विनय wrote 1 year ago: कुछ-कुछ होता है सनम जब-जब तुमसे मिलते हैं कैसे कहें हम सनम तुमसे मोहब्बत करते हैं… दिल डरता है … more →
विनय wrote 1 year ago: हम सनम जब भी तुमसे मिलते हैं तेरे दिल की धड़कनों को सुनते हैं लेकिन कुछ समझ में नहीं आता है तुमको दे … more →
विनय wrote 1 year ago: तुमको न पाया तो खोया भी कुछ नहीं पत्थर है दिल मेरा नहीं सच नहीं मुझको यक़ीं ख़ुद पे नहीं है सनम दूर र … more →