Lost your password?

Blogs about: सन्देश

Featured Blog

हिंसक तत्वों के साथ मानवाधिकारों का प्रश्न-हिंदी लेख (With violent elements of human rights questions - Hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: वर्तमान भौतिकवादी युग में यह मानना ही बेवकूफी है कि कोई बिना मतलब के जनसेवा करता है। अगर लाभ न हो तो … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, संपादकीय, साहित्य, हिन्दी

भर्तृहरि नीति शतक-धन की ऊष्मा से रहित मनुष्य क्या रह जाता है (heat of money-hindu sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि  ————————— … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, आलेख, कला, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, समाज, हिन्दी

दीपावली का पर्व निकल गया-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: होश संभालने के बाद शायद जिंदगी में यह पहली दिवाली थी जिसमें मिठाई नहीं खाई। कभी इसलिये मिठाई नहीं खा … more →

Tags: abhivyakti, इंटरनेट, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, रचना, लेखक, व्यंग्य, संपादकीय

श्री गीता से-वेद ज्ञान से बड़ी है ह्रदय से की गए भक्ति (ved aur bhakt-shri geeta in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: यामिमां पुष्पितां वाचं प्रवदन्त्यविपश्चितः। वेदावादरताः पार्थ नान्यदरस्तीति वादिनः।। कामात्मानः स्वर … more →

Tags: adhyatm, alekh, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, दीपक भारतदीप, मस्त राम, संपादकीय, समाज

इसलिये सोचना ही बंद-आलेख (mor thinking is not good-hindi lekh)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अखबार में खबर छपी है कि ‘ब्रिटेन ने माना है कि तेल के व्यापार की वजह से बम विस्फोट के एक आरोपी को छो … more →

Tags: हिन्दी, आलेख, चिंतन, संपादकीय, अभिव्यक्ति, हिन्दू, darshan, India, साहित्य

कबीर वाणी-प्यार को सही ढंग से कोई नहीं समझता(kabir vani-pyar ka gyan)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: प्रेम-प्रेम सब कोइ कहैं, प्रेम न चीन्है कोय जा मारग साहिब मिलै, प्रेम कहावै सोय संत शिरोमणि कबीरदास … more →

Tags: Anubhuti, arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, दोहे, धर्म, हिन्दी

चाणक्य नीति-प्रतिकार प्रतिहिंसा और प्रतिकार के भाव में दोष नहीं (chankya niti-time to time, life style)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: संसार विषवृक्षस्य द्वे फले अमृतोपमे। सुभाषितं च सुस्वादु संगतिः सुजने जनै।। हिन्दी में भावार्थ-नीति … more →

Tags: alekh, Anubhuti, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, समाज

मनु स्मृति-अध्ययन में सुस्ती नहीं करें (manu smriti-shiksha aur susti)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अध्येयष्यमाणं तु गुरुर्नित्यकालमतन्द्रितः। ‘अधीष्व भो! इति ब्रुयाद्विरामोऽस्त्विति चारमेत्।। हिंदी म … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, समाज, हिन्दी, dharm, India

कौटिल्य का अर्थशास्त्र-कार्य के होते हैं तीन व्यसन (kautilya ka arthshastra in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: वस्तुध्वशक्येषु समुद्यनश्चेच्छक्येषु मोहादसमुद्यश्मश्च। शक्येषु कालेन समुद्यनश्व त्रिघैव कार्यव्यसनं … more →

Tags: adhyatm, alekh, Anubhuti, arebic, Article, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम

रहीम क दोहे- दिल लगाकर कम करें कामयाबी तय करें (rahim ke dohe)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: रहिमन मनहि लगाईं कै, देखि लेहू किन कोय नर को बस करिबो कहा, नारायन बस होय कविवर रहीम के मतानुसार मन ल … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दोहे, धर्म, मस्त राम, साहित्य, हिन्दी, Deepak bharatdeep

संत कबीर क दोहे-विषधर बहुत हैं, मणिधारी कम (sant kabir ke dohe)

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: प्रीति कर सुख लेने को सुख गया हिराय जैसे पाइ छछुंदरी, पकडि सींप पछिताय संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते ह … more →

Tags: Hindi knowledge, Hindi writing, Hindi Darshan, Hindu darshan, Hindu culture, hindu dharm, web duniya, hindi shabd, hindi sanskar

स्त्रियों की कम संख्या उनके प्रति बढ़ते अपराधों के लिये जिम्मेदार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: देश में प्रतिदिन ही महिलाओं के प्रति किये गये अपराध समाचारों की सुर्खियां बन रहे हैं। हालत यह हो गयी … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्त राम, शब्द, साहित्य, हिन्दी, bharat, Deepak bharatdeep

श्री गुरुवाणी-सत्संग से विचार निर्मल होते हैं

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: ‘जो जो कथै सुनै हरि कीरतन ता की दुरमति नासु।’ सगन मनोरथ पावै नानक पूरन होवै आसु।।’’ हिंदी में भावार् … more →

Tags: adhyatm, alekh, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, धर्म, साहित्य, हिन्दी

रहीम दास के दोहे-बुराई का नतीजा सामने जरूर आता है

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: रहिमन खोटी आदि की, सो परिनाम लखाय जैसे दीपक तम भखै, कज्जल वमन कराय कविवर रहीम कहते हैं कि बुराई होने … more →

Tags: अनुभूति, रहीम, हिन्दी, Deepak bharatdeep, hindi litreture, India, inlglish, Internet, jagran

संत कबीर वाणी:मिल बाँट कर खाएं वही हैं वीर

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: संत कबीर महाराज कहते हैं कि ———————– कबीर तो सांचै म … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आलेख, चिंतन, शब्द, Deepak bharatdeep, dharm, hindi litreture, hindi writer, hindu

संत कबीर वाणीः अच्छा खाने को मिले तो भी बेवकूफ की संगत न करें

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: कबीर संगत साधु की, जौ की भूसी खाय खीर खीड भोजन मिलै, साकट संग न जाय संत कबीर दास जी कहते हैं कि साधु … more →

Tags: हिन्दी, चिंतन, अभिव्यक्ति, jagran, dohe, India, हिन्दू, अनुभूति, Deepak bharatdeep

भर्तृहरि नीति शतक-भगवान ने दिया है मौन रहने का गुण

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ——————- स्वायत्तेमेकांतगुणं विधात्रा … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, साहित्य, हिन्दी, bhruthari shatak, Deepak bharatdeep

भर्तृहरि नीति शतक: कुत्ता हड्डी चबाते हुए इन्द्र देवता की परवाह नहीं करता

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ——————– कृमिकुलचितं लालाक्लिन् … more →

Tags: abhivyakti, adhyatm, alekh, Anubhuti, आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, धर्म, मस्त राम

क्रिकेट मैच विद ब्लाग गासिप-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: वह ब्लाग क्रिकेट की वजह से ही लोकप्रिय हो रहा है। हुआ यह कि एक अभिनेता की की कोई एक क्रिकेट टीम है। … more →

Tags: आलेख, अभिव्यक्ति, India, साहित्य, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप, web dunia, web duniya, web bhaskar


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS