Blogs about: सन्देश

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रहीम क दोहे- दिल लगाकर कम करें कामयाबी तय करें (rahim ke dohe)

दीपक भारतदीप wrote 12 hours ago: रहिमन मनहि लगाईं कै, देखि लेहू किन कोय नर को बस करिबो कहा, नारायन बस होय कविवर रहीम के मतानुसार मन ल … more →

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संत कबीर क दोहे-विषधर बहुत हैं, मणिधारी कम (sant kabir ke dohe)

दीपक भारतदीप wrote 13 hours ago: प्रीति कर सुख लेने को सुख गया हिराय जैसे पाइ छछुंदरी, पकडि सींप पछिताय संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते ह … more →

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स्त्रियों की कम संख्या उनके प्रति बढ़ते अपराधों के लिये जिम्मेदार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: देश में प्रतिदिन ही महिलाओं के प्रति किये गये अपराध समाचारों की सुर्खियां बन रहे हैं। हालत यह हो ग … more →

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श्री गुरुवाणी-सत्संग से विचार निर्मल होते हैं

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: ‘जो जो कथै सुनै हरि कीरतन ता की दुरमति नासु।’ सगन मनोरथ पावै नानक पूरन होवै आसु।।’’ हिंदी में भावार् … more →

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रहीम दास के दोहे-बुराई का नतीजा सामने जरूर आता है

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: रहिमन खोटी आदि की, सो परिनाम लखाय जैसे दीपक तम भखै, कज्जल वमन कराय कविवर रहीम कहते हैं कि बुराई हो … more →

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संत कबीर वाणी:मिल बाँट कर खाएं वही हैं वीर

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: संत कबीर महाराज कहते हैं कि ———————– कबीर तो सांचै म … more →

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संत कबीर वाणीः अच्छा खाने को मिले तो भी बेवकूफ की संगत न करें

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कबीर संगत साधु की, जौ की भूसी खाय खीर खीड भोजन मिलै, साकट संग न जाय संत कबीर दास जी कहते हैं कि साधु … more →

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भर्तृहरि नीति शतक-भगवान ने दिया है मौन रहने का गुण

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ——————- स्वायत्तेमेकांतगुणं विधात्रा … more →

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भर्तृहरि नीति शतक: कुत्ता हड्डी चबाते हुए इन्द्र देवता की परवाह नहीं करता

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ——————– कृमिकुलचितं लालाक्लिन् … more →

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क्रिकेट मैच विद ब्लाग गासिप-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: वह ब्लाग क्रिकेट की वजह से ही लोकप्रिय हो रहा है। हुआ यह कि एक अभिनेता की की कोई एक क्रिकेट टीम है। … more →

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रहीम दास के दोहे: पशु अपना हित करने वाला गुड़ कभी नहीं खाते

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कविवर रहीम कहते हैं रहिमन आलस भजन में, विषय सुखहिं लपटाय घास चरै पसु स्वाद तै, गुरु गुलिलाएं खाय म … more →

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कबीर के दोहे: विवेकहीन को अच्चे बुरे की पहचान नहीं होती

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: फूटी आँख विवेक की, लखें न संत असतं जिसके संग दस बीच हैं, ताको नाम महंत संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते ह … more →

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रहीम संदेश: समय ख़राब हो तो कटु वचन सुनने पड़ते हैं1 comment

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: समय परे ओछे बचन, सब के सहे रहीम सभा दुसासन पट गहे, गदा लिए रहे भीम कविवर रहीम कहते हैं कि बुरा समय आ … more →

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कवि ने वरदान माँगा -हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कवि की हाजिरी पर प्रसन्न होकर अपने दरबार में प्रकट हुए सर्वशक्तिमान और बोले ‘दो में से एक वर मांग ले … more →

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इन्टरनेट का ताला और पाठ चोर (हास्य व्यंग्य)2 comments

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: कभी कभी यह मन होता है कि किसी ब्लाग लेखक के लिखे पाठ के विषय पर कुछ हम भी लिखें। इसका कारण यह है कि … more →

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अन्धविश्वास ने धर्म के प्रति विश्वास को कमजोर किया है-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: एक मित्र ब्लाग लेखक सुरेश चिपलूनकर ने कल कुछ फोटो बनारस शहर और गंगा नदी के भेजे। वह हिंदी ब्लागजगत … more →

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बाज़ार में बिकती है दवा और अमृत-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: सादगी से कही बात किसी को समझ में नहीं आती है इसलिए शायद कुछ लोग श्रृंगार रस की चाशनी में डुबो कर सुन … more →

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वैलंटाईन डे का एक दिन में शोर थमा (हास्य-व्यग्य)

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: कल वैलंटाईन डे बीत गया। पिछले प्रदंह दिन से उसका प्रचार जोरदार ढंग से हुआ। आज अनेक खबरें इस बारे म … more →

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मंदी का दौर:नया उपभोक्ता वर्ग कहां से आयेगा-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: अमेरिका के उद्योगपति बिल गेट्स ने कहा है कि वर्तमान मंदी अगले चार साल तक चल सकती है। बिल गेट्स विश् … more →

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