तुम जो देखते हो मैं भी जानता हूँ यह सब हुनर मैं भी जानता हूँ यह ख़ाब कच्चे ताग… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 5 months ago: तुम जो देखते हो मैं भी जानता हूँ यह सब ह … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: मेरी राह के मुसाफ़िर तू कहाँ खो गया है ज … more →
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: ख़ामोश सदाओं से कोई बुलाये मुझको बड़े … more →