मनुष्य हमेशा से अपने पूर्वजों को मुर्ख समझता आया है और वह कभी यह बात मान नहीं सकता कि आदि(!!) मानव ने ऐसे कार्य कर रखे हों जिन्हे करना उसके बूते से बाहर हो (कयी उदाहरण हैं – बाद में)। आज के वेज्… more →
दिल और दिमाग सेKrishna Kumar Mishra wrote 3 weeks ago: पलाश का पुष्प भारत वर्ष का एक गांव जो इतिहास में कोसल राज्य के अंतर्गत था बाद में अवध के नबा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ‘बिन फेरे, बने बसेरे’ को जब राज्य की वैधानिकता का प्रमाण मिलना प्रस्तावित भर हुआ है तब देश में एक नय … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हर आदमी चाहता है कि उसे काम के बोझ से छुटकारा मिले, वह थोड़ा निश्चिंत रहे। निश्चिंतता को लेकर भी हर … more →
lahoti wrote 2 years ago: मनुष्य हमेशा से अपने पूर्वजों को मुर्ख समझता आया है और वह कभी यह बात मान नहीं सकता कि आदि(!!) मानव न … more →