जिसे दवा जाना वह ज़हर निकला वह कि मेरा क़फ़न उड़ाकर निकला दो उंगलियों में मुझे य… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 7 months ago: जिसे दवा जाना वह ज़हर निकला वह कि मेरा क़ … more →
विनय wrote 7 months ago: मैंने आँखों को लहू का समन्दर और दिल को … more →
विनय wrote 8 months ago: अकेले हम हों कभी, अकेले तुम हो और समन्द … more →
विनय wrote 8 months ago: कोई आया है जाने के बाद क़ब्र पर वह गया है … more →