अध्यात्म नितांत एक निजी विषय है पर जब उसकी चौराहे पर चर्चा होने लगे तो समझ लो कि कहीं न कहीं उसकी आड़ में कोई अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ा रहा है तो कोई अपना व्यवसाय कर रहा है। जब कहीं सार्वजनिक रूप से… more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकाGirijesh Rao wrote 1 day ago: (1) , (2) भूमिका (3) लंठ महाचर्चा: ‘बाउ’ हुए मशहूर, काहे? (4) समय: ब्रिटिश काल, परम्परा … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: अध्यात्म नितांत एक निजी विषय है पर जब उसकी चौराहे पर चर्चा होने लगे तो समझ लो कि कहीं न कहीं उसकी आ … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: सरकारी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने एक तीन साल के बच्चे के गले का आपरेशन कर दिया। उस बच्चे के गले … more →
दीपक भारतदीप wrote 6 days ago: देश में प्रतिदिन ही महिलाओं के प्रति किये गये अपराध समाचारों की सुर्खियां बन रहे हैं। हालत यह हो ग … more →
Girijesh Rao wrote 1 week ago: पौधा है : कनैल , वैज्ञानिक (Botanical) नाम: Thevetia neriifolia, अन्य नाम – अश्वमारक,कर्वीर(सं … more →
Girijesh Rao wrote 1 week ago: (1) अथ लंठ महाचर्चा। (2) बहुत दिनों तक टालने के बाद आज अंगुलियाँ इस बिषै (विषय नहीं) पर चल ही पड़ीं। … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: वह शिक्षित बेरोजगार युवक संत के यहां प्रतिदिन जाता था। उसने देखा कि उनके आशीर्वाद से अनेक लोगों की … more →
Girijesh Rao wrote 2 weeks ago: यह पोस्ट उन पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए जो चित्रकूट जिले में पिछले दिनों घनश्याम केवट … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: पाठ पठन/पाठक संख्या पचास हजार पार करने वाला ईपत्रिका इस लेखक का तीसरा ब्लाग/पत्रिका है। इसने हाल ही … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: बंदर चाहे कितना भी बूढ़ा हो जाये गुलाट लगाना नहीं भूलता यही कुछ हालत हम भारतवासियों की है। कोई व्यसन … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: जिन कहानियों में हर पल क्लेशी पात्र सजाये जाते उसी पर बने नाटक सामाजिक श्रेणी के कहलाते सच है समाज … more →
Girijesh Rao wrote 2 weeks ago: संशय निकष है ऋत का भी ।यह पंक्ति नरेश मेहता रचित ‘संशय की एक रात’ खंड काव्य में आई है। र … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: शायद कुछ समाज सुधारकों को यह बुरा लगे पर सच यही है कि इस धरती पर पैदा हर जीव की नस्ल होती है और उसमे … more →
Girijesh Rao wrote 3 weeks ago: आप लोगों ने सम्भवत: देखा होगा, मेरे प्रोफाइल का फोटो बदलता रहता है। आज एक वनस्पति तो कल दूसरा पौधा। … more →
Girijesh Rao wrote 3 weeks ago: जून का पहला सप्ताह बीत गया लेकिन गड्ढा प्रतियोगिता पर कोई प्रविष्टि प्राप्त नहीं हुई। आप सभी नर ना … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: नीति विशारद विदुर महाराज कहते है कि अस्तयागात् पापकृतामापापांस्तुल्यो दण्डः स्पृशते मिश्रभावात्। शुष … more →
Girijesh Rao wrote 4 weeks ago: http://www.indiblogger.in/ पर ‘Blogger of the Month-April’ की प्रतियोगिता चल रही है। अग … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: चर्चा करु तब चौहटे, ज्ञान करो तब दोय ध्यान करो तब एकिला, और न दूजा कोय संत श्री कबीरदास जी का कथन है … more →
Girijesh Rao wrote 4 weeks ago: कड़वी ‘करी’ (भाग – 1) से आगे . . . माइग्रेशन के तार सभ्यता के विकास से जुड़े हुए … more →