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लंठ महाचर्चा : बाउ और परबतिया के माई

Girijesh Rao wrote 1 day ago: (1) , (2) भूमिका (3) लंठ महाचर्चा: ‘बाउ’ हुए मशहूर, काहे? (4) समय: ब्रिटिश काल, परम्परा … more →

Tags: दुख, देहाती, भाठ, नारी विमर्श, बाउ, ब्रिटिश काल, महाचर्चा, लंठ, लड़कियाँ

बरसात के साथ धार्मिक चालाकी-हिंदी व्यंग्य (hindi vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: अध्यात्म नितांत एक निजी विषय है पर जब उसकी चौराहे पर चर्चा होने लगे तो समझ लो कि कहीं न कहीं उसकी आ … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, पर्यावरण, मस्तराम, व्यंग्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

आपरेशन तो आसान है -हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: सरकारी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने एक तीन साल के बच्चे के गले का आपरेशन कर दिया। उस बच्चे के गले … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मनोरंजन, मस्तराम, साहित्य, हास्य व्यंग्य

सि़यों की कम संख्या उनके प्रति बढ़ते अपराधों के लिये जिम्मेदार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 6 days ago: देश में प्रतिदिन ही महिलाओं के प्रति किये गये अपराध समाचारों की सुर्खियां बन रहे हैं। हालत यह हो ग … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, मस्त राम, शब्द, सन्देश, साहित्य, हिन्दी, bharat

कनैल: वनस्पति, पौधा, लता, वृक्ष - 2

Girijesh Rao wrote 1 week ago: पौधा है : कनैल , वैज्ञानिक (Botanical) नाम: Thevetia neriifolia, अन्य नाम – अश्वमारक,कर्वीर(सं … more →

Tags: देहाती, पौधे, प्रकृति, वनस्पति, Nature, नारी विमर्श, कनैल, पेंड़, सर्वहारा

अथ लंठ महाचर्चा

Girijesh Rao wrote 1 week ago: (1) अथ लंठ महाचर्चा। (2) बहुत दिनों तक टालने के बाद आज अंगुलियाँ इस बिषै (विषय नहीं) पर चल ही पड़ीं। … more →

Tags: व्यंग्य, हास्य, अश्लील, महाचर्चा, मूढ़, लंठ, संस्कारवान

छोटा आदमी, बड़ा आदमी-लघुकथा

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: वह शिक्षित बेरोजगार युवक संत के यहां प्रतिदिन जाता था। उसने देखा कि उनके आशीर्वाद से अनेक लोगों की … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, लघुकथा, व्यंग्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

श्रद्धांजलि : मुठभेड़ अभी जारी है (अद्यतन किया गया 20/06/09)

Girijesh Rao wrote 2 weeks ago: यह पोस्ट उन पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए जो चित्रकूट जिले में पिछले दिनों घनश्याम केवट … more →

Tags: पुलिस, श्रद्धांजलि, police, tribute, गैंग, डकैत, पोस्टमार्टम, मुठभेड़

इस ब्लाग/पत्रिका ने पार की पाठक संख्या पचास हजार-संपादकीय

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: पाठ पठन/पाठक संख्या पचास हजार पार करने वाला ईपत्रिका इस लेखक का तीसरा ब्लाग/पत्रिका है। इसने हाल ही … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, मस्तराम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

फिर छाने लगा है क्रिकेट का बुखार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: बंदर चाहे कितना भी बूढ़ा हो जाये गुलाट लगाना नहीं भूलता यही कुछ हालत हम भारतवासियों की है। कोई व्यसन … more →

Tags: दीपक भारतदीप, हिंदी आलेख, हिन्दी, web bhaskar, web bharat, web dunia, web duniya, web express, web jagran

समाज और खानदान की छबि -दो व्यंग्य क्षणिकायें

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: जिन कहानियों में हर पल क्लेशी पात्र सजाये जाते उसी पर बने नाटक सामाजिक श्रेणी के कहलाते सच है समाज … more →

Tags: अभिव्यक्ति, क्षणिका, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य, व्यंग्य कविता, हास्य व्यंग्य, हिन्दी

संशय निकष है . . .3 comments

Girijesh Rao wrote 2 weeks ago: संशय निकष है ऋत का भी ।यह पंक्ति नरेश मेहता रचित ‘संशय की एक रात’ खंड काव्य में आई है। र … more →

Tags: अकबर, इस्लाम, कविता, Hindi Poetry, मेधा, नासदीय सूक्त, ऋत, नरेश मेहता, निकष

नस्लवाद और गुणों का स्वरूप-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: शायद कुछ समाज सुधारकों को यह बुरा लगे पर सच यही है कि इस धरती पर पैदा हर जीव की नस्ल होती है और उसमे … more →

Tags: aritile in hindi, दीपक भारतदीप, हिंदी आलेख, हिन्दी, Blogger, Deepak bharatdeep, Hindi writing, hindu darashan, hindu dharm

बरियार: वनस्पति, पौधा, लता, वृक्ष - 12 comments

Girijesh Rao wrote 3 weeks ago: आप लोगों ने सम्भवत: देखा होगा, मेरे प्रोफाइल का फोटो बदलता रहता है। आज एक वनस्पति तो कल दूसरा पौधा। … more →

Tags: पौधे, प्रकृति, वनस्पति, Nature, जंगली मेंहदी, जिउतिया, जीवित्पुत्रिका, तप, देहात

लाज और झिझक छोड़ें

Girijesh Rao wrote 3 weeks ago: जून का पहला सप्ताह बीत गया लेकिन गड्ढा प्रतियोगिता पर कोई प्रविष्टि प्राप्त नहीं हुई।  आप सभी नर ना … more →

Tags: प्रतियोगिता, व्यंग्य, Competition, गड्ढा

विदुर नीति-अपराधी की संगत करने पर भी सजा मिल जाती है

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: नीति विशारद विदुर महाराज कहते है कि अस्तयागात् पापकृतामापापांस्तुल्यो दण्डः स्पृशते मिश्रभावात्। शुष … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Dashboard, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi adhyatm

इन्डीब्लॉगर पर 'Blogger of the Month - April' प्रतियोगिता

Girijesh Rao wrote 4 weeks ago: http://www.indiblogger.in/ पर ‘Blogger of the Month-April’ की प्रतियोगिता चल रही है। अग … more →

Tags: प्रतियोगिता

संत कबीर के दोहे: भक्ति और ध्यान एकांत में करें

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: चर्चा करु तब चौहटे, ज्ञान करो तब दोय ध्यान करो तब एकिला, और न दूजा कोय संत श्री कबीरदास जी का कथन है … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कबीर वाणी, मस्तराम, साहित्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Dashboard, Deepak bapu

कड़वी 'करी' (भाग - 2) 1 comment

Girijesh Rao wrote 4 weeks ago: कड़वी ‘करी’ (भाग – 1) से आगे . . .  माइग्रेशन के तार सभ्यता के विकास से जुड़े हुए … more →

Tags: देश-विदेश, आस्ट्रेलिया, सभ्यता, माइग्रेशन, सार्वभौमिक, सम्वाद, मानव, शोषण, धरा


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