Lost your password?

Blogs about: समाज

Featured Blog

मनोरंजन की राह-हिंदी व्यंग्य कविता (manoranjan ki rah-hindi satire)

दीपक भारतदीप wrote 2 days ago: दुनियां की तबाही देखने के लिये इंसान का दिल क्यों मचलता है हमारी आंखों के सामने ही सब खत्म हो जाये फ … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक द्वारा, दीपक भारतदीप, हास्य कविता, bharat, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika, कला

तेरी भाषा, मेरी भाषा-व्यंग्य लेख

दीपक भारतदीप wrote 2 days ago: शाम के समय दीपक बापू अपने घर से बाहर निकल एक निकट के उद्यान में हवा खाने पहुंचे। अंदर प्रवेश करने से … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, कला, भाषा विवाद, मनोरंजन, मस्त राम, मस्ती

चेहरा बदल जाता है, चाल नहीं-व्यंग्य कविता (Face turns, not tricks - satirical hindi poem)

दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: इंसान के चेहरे बदल जाते हैं नहीं बदलती चाल। खून खराबा करने वाले हाथ बदल जाते हैं वही रहती तलवार और ढ … more →

Tags: कला, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य, व्यंग्य कविता, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, Deepak bharatdeep, E-patrika

भूख और बन्दूक-हिंदी लेख (Hunger and gun - Hindi article)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: भूखे पेट भजन नहीं होते-यह सच है पर साथ ही यह भी एक तथ्य है कि भूखे पेट गोलियां या तलवार नहीं चलती। द … more →

Tags: मस्त राम, हिन्दी, hindu thinking, Hindu Thought!, India, inglish, web bhaskar, web bharat, web dunia

अश्लीलता और श्लीतता में अंतर-हिंदी हास्य व्यंग्य कविताएँ

दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: अश्लीलता और श्लीतता में अंतर कितना रह गया है बस छह इंच के कपड़े का। क्यों इतना रोज छोड़ मचता है खत्म क … more →

Tags: कला, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, हिन्दी शायरी, bharat, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

हिंसक तत्वों के साथ मानवाधिकारों का प्रश्न-हिंदी लेख (With violent elements of human rights questions - Hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: वर्तमान भौतिकवादी युग में यह मानना ही बेवकूफी है कि कोई बिना मतलब के जनसेवा करता है। अगर लाभ न हो तो … more →

Tags: हिन्दी, आलेख, चिंतन, संपादकीय, अभिव्यक्ति, सन्देश, साहित्य, अनुभूति, दीपक भारतदीप

नई पीढ़ी को मौक़ा-हास्य व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: अपने विरोधी पर शब्द प्रहार करते हुए उन्होंने कहा ‘वह बरसों जनता की सेवा में लगे हैं लोग भी अब उनके च … more →

Tags: मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, Hindi Blogging, hindi internet, Hindi knowledge, hindi megzine

जख्म और मरहम-व्यंग्य कविता (zakhma aur marham-vyangya kavita

दीपक भारतदीप wrote 4 days ago:  हमने कहा था ‘जख्म पर मरहम लगा दो’ उन्होंने नमक छिड़क दिया। पीड़ा से हम कराहते रहे उन्होंने कहा ‘ … more →

Tags: दीपक भारतदीप, दीपकबापू, सृजन, हिंदी साहित्य, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika, friednds

दिल और कविता-हिंदी कविता (dil aur kavita-hindi shayri)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago:   कभी गम तो कभी खुशी कभी दर्द तो कभी हँसी के साथ कविता लिखने का ख्याल किया तब भाषा सज … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कविता, मस्तराम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, हिन्दी शायरी, हिन्दी शेर, कला

ज़िंदगी और परदे का सच-हिंदी व्यंग्य कविताएँ (zindagi aur parde ka sach-hindi vyangya kavitaen)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago:  इस देश का आदमी उड़ना चाहता है ऊंची उड़ान अपने पांवों में पुरानी ज़जीरों को बांधकर. अपनी आँखों स … more →

Tags: arebic, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, bharat, Blogging

पैसे से गाडी खरीदी है रास्ता नहीं-व्यंग्य चिंतन

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: अब यह फिल्मों का ही प्रभाव कहा जा सकता है कि रास्ते पर गाड़ी चलाने वाले लड़के लड़कियां अपने आपको नायक न … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य कविता, संपादकीय, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, Deepak bapu

समन्दर पीने से भी प्यास नहीं बुझेगी (samandar se bhee pyas nahin bujhegee)2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: सभी लोग हमेशा दूसरे के सुख देखकर मन में अपने लिये उसकी कमी का विचार करते हुए अपने को दुःख देते हैं। … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, व्यंग्य, हास्य कविता, हास्य व्यंग्य, हिन्दी शायरी, हिन्दी शेर, Deepak bapu

सम्मान का भ्रम-हिन्दी हास्य व्यंग्य (samman ka bhram-hasya vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: दीपक बापू तेजी से अपनी राह चले जा रहे थे कि पान की एक दुकान के पास खड़े आलोचक महाराज ने उनको आवाज देक … more →

Tags: arebic, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, मस्तराम, व्यंग्य, शब्द, हास्य व्यंग्य

ईमानदारी में गज़ब कैसा-हिन्दी हास्य व्यंग्य (imandari men gazab- hindi vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: सप्ताह में उस दुकान से एक बार तो बेकरी का सामान जरूर खरीदते हैं। ऐसा बरसों से चल रहा है। वह दुकानदार … more →

Tags: abhivyakti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, मस्तराम, व्यंग्य चिंतन

भाषा का लफड़ा-हिन्दी हास्य व्यंग्य (bhasha ka lafada-hindi commedy satire

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: शाम के समय दीपक बापू अपने घर से बाहर निकल एक निकट के उद्यान में हवा खाने पहुंचे। अंदर प्रवेश करने से … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, सूचना, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi abhivyakti

किताबों में लिखे शब्द दुनियां नहीं चलाते-व्यंग्य कविता (kitab,shabd aur duniya-vyangya kavita)1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: किताबों में लिखे शब्द कभी दुनियां नहीं चलाते। इंसानी आदतें चलती अपने जज़्बातों के साथ कभी रोना कभी ह … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, व्यंग्य, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi bharat, hindi bhasha

वादा और इंतजार-व्यंग्य कविता (vada aur intzar-hindi vyangya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: गिला शिकवा खूब किया दिन भर पूरे जमाने का फिर भी दिल साफ हुआ नहीं। इतने अल्फाज मुफ्त में खर्च किये फि … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, क्षणिका, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य कविता, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

फरिश्ते होने का अहसास जताते-व्यंग्य कविता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: किताबों में लिखे शब्द कभी दुनियां नहीं चलाते। इंसानी आदतें चलती अपने जज़्बातों के साथ कभी रोना कभी ह … more →

Tags: दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, हिन्दी, Deepak bharatdeep, Family, Friends, hasya kavita, hasya vyang

हमदर्दी कला-व्यंग्य कविता (art of sypothy)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: हमदर्दी जताने की कला हमें कभी नहीं आई किसी का दर्द देखकर मन रोया मन भर आंसु पर आंखें दरिया न बन पाई। … more →

Tags: abhivyakti, अनुभूति, अभिव्यक्ति, क्षणिका, दीपक द्वारा, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, मस्तराम


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS